सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना है। इसका उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के खर्चों के लिए पैसा जमा करने में परिवारों की मदद करना है। इस योजना में माता-पिता या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। सामान्य नियम के मुताबिक, एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं। हर बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है। यानी एक ही बच्ची के नाम पर अलग-अलग बैंक या पोस्ट ऑफिस में दो खाते नहीं खुलवा सकते।
जुड़वां या तीन बेटियां होने पर क्या है नियम?
अगर परिवार में जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं या एक साथ तीन बेटियों का जन्म होता है, तो सामान्य दो खातों की सीमा में छूट मिल सकती है। ऐसे मामलों में दो से ज्यादा सुकन्या समृद्धि खाते खोलने की अनुमति है। इसके लिए अभिभावक को संबंधित बच्चियों के जन्म प्रमाणपत्र और जरूरी शपथपत्र जमा करने पड़ सकते हैं। दस्तावेजों से यह साबित करना होता है कि परिवार में एक ही जन्म क्रम में जुड़वां या तीन बेटियों का जन्म हुआ है। खाता खुलवाने से पहले बैंक या पोस्ट ऑफिस से दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना बेहतर है।
अगर पहले से एक बेटी हो और फिर जुड़वां बेटियां हों तो?
मान लीजिए परिवार में पहले से एक बेटी है और बाद में जुड़वां बेटियों का जन्म होता है। ऐसी स्थिति में नियमों और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर तीनों बेटियों के नाम पर खाते खोले जा सकते हैं। इसी तरह, अगर पहले ही जन्म में तीन बेटियां पैदा हुई हों, तो तीनों के लिए खाते खोलने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, नियमों में एक खास शर्त भी है: अगर पहले जन्म क्रम में दो या उससे ज्यादा जीवित बेटियां हैं, तो दूसरे जन्म क्रम की बेटियों के लिए अतिरिक्त खातों वाली छूट लागू नहीं होती। इसलिए हर परिवार की स्थिति के अनुसार पात्रता की जांच जरूरी है।
खाता खुलवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है?
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए बेटी का जन्म प्रमाणपत्र, अभिभावक के पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज तथा योजना का आवेदन फॉर्म देना होता है। जुड़वां या तीन बेटियों के मामले में संबंधित जन्म प्रमाणपत्र और शपथपत्र भी मांगा जा सकता है। खाता किसी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जा सकता है। बेटी की उम्र खाता खोलने के समय 10 साल से कम होनी चाहिए।
जमा राशि और ब्याज का नियम
इस योजना में एक खाते में हर वित्त वर्ष कम से कम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। ब्याज दर सरकार समय-समय पर तय करती है। इसलिए खाता खुलवाते समय मौजूदा ब्याज दर और जमा से जुड़े नियम बैंक या पोस्ट ऑफिस से जरूर पता करें।
