Difference Between Deo And Perfume (डियो और परफ्यूम में अंतर): अच्छी खुशबू और तरोताजा फील करने के लिए लगभग हर कोई ही परफ्यूम या डियो का इस्तेमाल करता है। हालांकि अक्सर लोगों को लगता है कि, ये दोनों एक ही होते हैं। वहीं कई बार आम भाषा में दोनों का नाम एक दूसरे की जगह ले लेते हैं। अगर आपको भी ऐसा ही लगता है कि, ये दोनों एक होते हैं। तो बता दें कि, नहीं डियो और परफ्यूम दो अलग चीजें होती हैं। जिनकी बनावट से लेकर काम भी अलग अलग ही होते हैं। वहीं दोनों का स्किन पर भी अलग असर होता है। ऐसे में देखें आखिर डियो और परफ्यूम में क्या अंतर होता है और दोनों में से स्किन के लिए बेहतर कौन सा है।
डियो क्या होता है
डियो का मुख्य काम पसीने की बदबू को रोकना होता है। और साथ ही साथ इसके उपयोग से पसीने से होने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से भी रोका जा सकता है। वहीं इसमें हल्की खुशबू होती है, जिससे फ्रेश फील हो सके। हालांकि इसकी खुशबू बहुत देर तक टिकती नहीं है। डियो में एसेंशियल ऑयल की मात्रा भी बहुत कम होती है। वहीं इसको मुख्य रूप से केवल अंडरआर्म्स यानि की बगल में ही लगाते हैं।
परफ्यूम क्या होता है
परफ्यूम आमतौर पर केवल खुशबू देने के लिए ही होता है। इसमें करीब 15 से 30 प्रतिशत एसेंशियल ऑयल तो एल्कोहल की मात्रा होती है। जिससे तेज खुशबू आती है, और ये सुगंध लंबे समय तक टिकती भी है। आमतौर पर परफ्यूम की कीमत भी डियो की तुलना में ज्यादा होती है। परफ्यूम को आप कपड़ों पर तो गर्दन, कलाई पर लगा सकते हैं, इसकी खुशबू 6-8 घंटे तक रहती है।
हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि परफ्यूम को सीधा स्किन पर लगाना नुकसानदायक हो सकता है। वहीं दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, इसलिए जरूरत के हिसाब से सही प्रोडक्ट चुनें। अगर बजट पर ध्यान देना है, तो डियो बेहतर है, वरना खास मौकों के लिए परफ्यूम एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।
