अगर 50 साल पहले की फिल्मों की हीरोइनों की तस्वीरें और आज के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरें साथ रख दी जाएं, तो एक बात तुरंत समझ आ जाएगी—खूबसूरती का मतलब हमेशा एक जैसा नहीं रहा। कभी बड़ी आंखें सबसे सुंदर मानी जाती थीं, कभी गोरा रंग, कभी पतली कमर और आज मोटे होंठ, शार्प जॉलाइन और पतली नाक को 'परफेक्ट फेस' कहा जाता है। सवाल यह है कि आखिर ये नियम बनाता कौन है?
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हाल ही में अभिनेत्री दीया मिर्जा ने भी साझा किया कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें अपने चेहरे में बदलाव कराने की सलाह दी जाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी सलाह उन्हें महिलाओं से नहीं, बल्कि पुरुषों से ज्यादा मिली। यह सिर्फ एक अभिनेत्री की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच की झलक है, जहां इंसान से पहले उसकी शक्ल को परखा जाता है। आइए समझते हैं कि ब्यूटी स्टैंडर्ड समय के साथ कैसे बदलते हैं।
खूबसूरती का कोई एक फॉर्मूला नहीं होता
अगर दुनिया के अलग-अलग देशों को देखें, तो हर जगह सुंदरता की परिभाषा अलग है। कहीं घुंघराले बाल पसंद किए जाते हैं, तो कहीं सीधे बाल। कहीं सांवला रंग अट्रैक्टिव माना जाता है, तो कहीं गोरा। इसका मतलब साफ है कि खूबसूरती कोई साइंस का नियम नहीं, बल्कि समाज और समय के साथ बदलने वाली सोच है।
मोटे होंठ का क्रेज
कुछ दशक पहले फिल्मों और फैशन में पतले होंठ भी बेहद अट्रैक्टिव माने जाते थे। लेकिन समय के साथ ग्लोबल फैशन इंडस्ट्री, हॉलीवुड, सोशल मीडिया और ब्यूटी ट्रेंड्स ने फुलर लिप्स को पॉपुलर बना दिया। आज कई लोग मेकअप, लिप लाइनर या लिप फिलर्स, लिप सर्जरी की मदद से होंठों को ज्यादा भरा हुआ दिखाने की कोशिश करते हैं।
नाक की सर्जरी का ट्रेंड
चेहरे की बनावट में नाक सबसे पहले नजर आने वाले हिस्सों में से एक है। कैमरा एंगल, फोटोग्राफी, मेकअप कंटूरिंग और फिल्मों में दिखने वाले लुक्स ने पतली और शार्प नाक को 'आदर्श' बना दिया। जबकि वास्तव में हर चेहरे पर एक जैसी नाक सुंदर नहीं लगती। चेहरे का संतुलन ही सबसे ज्यादा मायने रखता है। श्रुती हासन, जान्हवी कपूर, खुशी कपूर, शिल्पा शेट्टी समेत कई एक्ट्रेसेस ने अपनी नाक की सर्जरी करवाई है।
सोशल मीडिया ने बदल दी तस्वीर
आज एक फोटो पर फिल्टर लगाकर कुछ ही सेकंड में होंठ, नाक, आंखें और चेहरे की शेप बदली जा सकती है। जब लोग रोज ऐसे एडिटेड चेहरे देखते हैं, तो वही उन्हें सामान्य और सुंदर लगने लगता है। धीरे-धीरे यही ट्रेंड असल जिंदगी की उम्मीद बन जाता है।
हालांकि ये समझना जरूरी है कि, किसी ट्रेंड के पीछे भागने से पहले यह याद रखें कि आपका चेहरा आपकी सबसे अलग पहचान है, किसी कॉपी का हिस्सा नहीं।
