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लाइट बंद करके नहाना क्यों पसंद कर रहे लोग? जानें क्या है ‘डार्क शॉवरिंग’ ट्रेंड

Dark Showering Benefits : गर्म पानी से नहाने या ठंडे पानी से नहाने के कई तरह के ट्रेंड के बारे में आपने जरूर सुना होगा। लेकिन आज हम आपको एक नए शॉवर ट्रेंड के बारे में बताने जा रहे हैं। जी हां आजकल लोग लाइट बंद करके नहाना पसंद कर रहे हैं। आइए जानते हैं 'डॉर्क शॉवरिंग ट्रेंड' के बारे में...

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क्या है डार्क शॉवरिंग?

Dark Showering Benefits: सुबह की भागदौड़ हो या दिनभर की थकान के बाद नहाना सिर्फ एक जरूरत बनकर नहीं रह गया है। अब यही रोजमर्रा की आदत एक नए अनुभव में बदल रही है। इन दिनों सोशल मीडिया और वेलनेस कम्युनिटी में ‘डार्क शॉवरिंग’ नाम से एक ट्रेंड तेजी से चर्चा में आ रहा है, जिसमें लोग बाथरूम की लाइट बंद करके या बहुत हल्की रोशनी में नहाना पसंद कर रहे हैं। अंधेरे में नहाना कैसे फायदेमंद हो सकता है आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

क्या है डार्क शॉवरिंग?

डार्क शॉवरिंग का मतलब है हल्की रोशनी या पूरी तरह अंधेरे में नहाना है। इसका उद्देश्य शरीर के साथ-साथ आपके दिमाग को भी आराम देना है। कुछ लोग नहाने के लिए हल्की नाइट लाइट, मोमबत्ती या खिड़की से आती नेचुरल लाइट का सहारा लेते हैं। डार्क शॉवरिंग का मकसद सिर्फ लाइट बंद करके नहाना नहीं है, बल्कि नहाने को एक माइंडफुल और मेडिटेटिव एक्सपीरियंस में बदलना है। यह ट्रेंड खासकर उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो मेंटल हेल्थ, माइंडफुलनेस और स्लो लिविंग को अपनाना चाहते हैं।

डार्क शॉवरिंग क्या है?

डार्क शॉवरिंग क्या है?

सोशल मीडिया से फैला ट्रेंड

नहाने के इस नए और हेल्थ के लिए फायदेमंद ट्रेंड को फैलाने का श्रेय सोशल मीडिया को जाता है। इसके पीछे इंस्टाग्राम रील्स, टिकटॉक वीडियो और वेलनेस ब्लॉग्स का बहुत बड़ा रोल है। इन सभी प्लेटफॉर्मस पर लोग अपना डार्क शॉवर रूटीन शेयर कर रहे हैं। जहां कोई इसे ‘सेल्फ-केयर रिचुअल’ बता रहा है, तो कोई इसे ‘मेंटल थैरेपी’ बताकर इसकी तारीफों के पुल बांध रहा है। खासकर GenZ और मिलेनियल्स के बीच यह ट्रेंड काफी तेजी से अपनाया जा रहा है। आइए जानते हैं डार्क शॉवरिंग के फायदों के बारे में...

1. दिमाग को सुकून

एक्सपर्ट्स की मानें तो तेज रोशनी हमारे दिमाग को एक्टिव मोड में रखती है। वहीं अंधेरा दिमाग को रिलैक्स करने का संकेत देता है। डार्क शॉवरिंग के दौरान बाहरी विजुअल डिस्ट्रैक्शन कम हो जाते हैं, जिससे दिमाग को सुकून मिलता है।

दिमाग को सुकून

दिमाग को सुकून

2. स्ट्रेस और एंग्जायटी में राहत

विशेषज्ञों के अनुसार, कम रोशनी में नहाने से कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर घट सकता है, जो एक स्ट्रेस हार्मोन है। डॉर्क शॉवर लेने से हमारा नर्वस सिस्टम शांत होता है। यही कारण है कि कई लोग दिन के अंत में डार्क शॉवर को स्ट्रेस रिलीज का आसान तरीका मानते हैं।

3. बेहतर नींद

रात में सोने से पहले डार्क शॉवर लेना आपकी नींद की गुणवत्ता के लिए भी फायदेमंद माना जा सकता है। क्योंकि अंधेरा आपके मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को बढ़ाकर नींद को बेहतर बनाता है। इसलिए सोने से पहले हल्के गर्म पानी से अंधेरे में नहाना आपकी नींद को बेहतर बना सकता है।

बेहतर नींद

बेहतर नींद

4. बढ़ता है फोकस

जब हमारी आंखों को देखने के लिए कुछ खास नहीं मिलता, तो बाकी इंद्रियां अपने आप ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। डार्क शॉवरिंग के दौरान व्यक्ति पानी की बूंदों की आवाज, उसकी गर्माहट या ठंडक को शरीर ज्यादा गहराई से महसूस करता है। यह अनुभव कई लोगों को ध्यान (मेडिटेशन) जैसा लगता है। यही कारण है कि इससे हमारा फोकस बढ़ता है।

सावधानी भी रखें

हालांकि नहाने में शुरु किया गया यह ट्रेंड आपको सुकून देने वाला है, लेकिन पूरी तरह अंधेरे में नहाते समय फिसलने या किसी चीज से टकराने का खतरा भी रहता है। इसलिए नहाते समय हल्की नाइट लाइट, एंटी-स्लिप मैट और सेफ बाथरूम सेटअप जरूरी है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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