हर माता-पिता अपने बच्चे की अच्छी परवरिश करना चाहते हैं। बच्चों को अच्छी परवरिश देने के लिए पेरेंट्स कई तरह के कॉम्प्रामाइज करते हैं। लेकिन कई बार जब दोनों पेरेंट्स वर्किंग होते हैं तो बच्चों की उतनी अच्छी परवरिश नहीं कर पाते हैं। बच्चों की अच्छी परवरिश करने के बावजूद ये देखने को मिलता है कि बच्चे अपने पेरेंट्स खुलकर बातें शेयर नहीं करते हैं। कई बार अपने माता-पिता से बच्चे झूठ भी बोलते हैं। ऐसे में ये सवाल उठता है कि माता-पिता को क्या करना चाहिए जिससे पेरेंट्स और बच्चों के बीच अच्छी बॉन्डिंग बन सके। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि बॉन्डिंग मजबूत करने और बच्चों का विश्वास जीतने के लिए पेरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
गुस्सा न करें
सबसे पहले पेरेंट्स शांत रहें। बच्चे के झूठ बोलने या बातें न शेयर करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें सबसे बड़ा कारण पेरेंट्स का गुस्सा करना या तुरंत बच्चों की बातों पर रिएक्ट करना है। ऐसे में गुस्सा करने या तुरंत डांटने से बच्चा और ज़्यादा खुद में रिजर्व रह सकता है।
बच्चों की बातें सुने
अपने बच्चे की बात ध्यान से सुनें, भले ही आपको लगे कि वे झूठ बोल रहे हैं। उन्हें अपनी बात पूरी करने दें। बिना टोके उनकी पूरी बात सुनना उन्हें सुरक्षित महसूस कराता है और उन्हें लगता है कि आप उन्हें समझना चाहते हैं।
खुली बातचीत का माहौल बनाएं
बच्चों को यह महसूस कराएं कि आप हमेशा उनकी बातें सुनना चाहते हैं। उनसे ऐसे सवाल पूछें जिनके जवाब 'हां' या 'नहीं' में न हों, बल्कि उन्हें विस्तार से बोलने का मौका मिले। जैसे, "आज स्कूल में सबसे अच्छी बात क्या हुई?" या "आज तुम्हें क्या नया सीखने को मिला?"
उनके अनुभवों को समझें
बच्चे के दृष्टिकोण से चीजों को देखने की कोशिश करें। अगर उन्होंने झूठ बोला है, तो इसके पीछे का कारण जानें। क्या उन्हें किसी बात का डर है? क्या वे किसी गलती को छिपाना चाहते हैं? उनके डर और चिंताओं को समझें।
विश्वास बनाएं, डराएं नहीं
बच्चों को यह विश्वास दिलाएं कि वे कुछ भी शेयर कर सकते हैं, और आप उन्हें समझने की कोशिश करेंगे, न कि सिर्फ डांटेंगे। उन्हें बताएं कि गलतियां करना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें छिपाना सही नहीं है।
