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Chhath Puja 2025: महज लोक आस्था का रंग ही नहीं चढ़ाती, जीवन के ये 10 गहरे सबक भी सिखाती है छठ पूजा

Chhath Puja Life Lessons: छठ पूजा का यह महापर्व सूर्यदेव और छठी मैया की आराधना का ऐसा पर्व है जहां तप, त्याग, अनुशासन और विश्वास का अनूठा संगम नजर आता है। यह त्योहार हमें सिर्फ आस्था की ओढ़नी में नहीं ढकता बल्कि जीवन के कई अनमोल सबक भी सिखाता है।

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Chhath Puja 2025: महज लोक आस्था का रंग ही नहीं चढ़ाती, जीवन के ये 10 गहरे सबक भी सिखाती है छठ पूजा (Photo: PTI)

Chhath Puja 2025 Life Lessons: छठ पूजा को लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है। इस साल 25 अक्तूबर को नहाय खाय के साथ 4 दिनों तक चलने वाले छठ पर्व का आगाज हो रहा है। इस पर्व में सूर्य देव की उपासना की जाती है। छठ व्रत से कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं। इसे हिंदू धर्म का सबसे पुराना पर्व भी माना जाता है। यह एक ऐसा पर्व है जो न केवल सूर्य और प्रकृति की पूजा से जुड़ा है, बल्कि जीवन के गहरे सबक भी सिखाता है। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि हम छठ पूजा से कौन से सबक सीख सकते हैं:

Motivational Life Lessons from Chhath Puja | छठ पूजा सी सीखें जीवन के अनमोल सबक

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता

छठ पूजा सूर्य, जल और प्रकृति की पूजा का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि हमें प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए, जो हमें जीवन देती है।

सादगी का मूल्य

छठ पूजा में सादे और प्राकृतिक प्रसाद (जैसे ठेकुआ, चावल, फल) का उपयोग होता है। यह हमें सिखाता है कि सादगी में ही सच्ची खुशी है।

स्वच्छता का महत्व

छठ में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है, चाहे वह नदी हो या घर। यह हमें अपने आसपास और मन की शुद्धता बनाए रखने की सीख देता है।

समय का सम्मान

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय की पूजा समय की पाबंदी का महत्व दर्शाती है। यह हमें जीवन में समय प्रबंधन की सीख देता है।

संयम और अनुशासन

व्रत के दौरान उपवास, स्वच्छता और नियमों का पालन अनुशासन सिखाता है। यह हमें जीवन में संयम और आत्मनियंत्रण का महत्व समझाता है।

परिवार का महत्व

यह पर्व परिवार और समुदाय को एकजुट करता है। यह हमें अपनों के साथ समय बिताने और रिश्तों को मजबूत करने की सीख देता है।

निस्वार्थ सेवा

छठ व्रत में व्रती अपने परिवार की भलाई के लिए कठिन तप करते हैं। यह निस्वार्थ भावना हमें दूसरों के लिए त्याग करने की प्रेरणा देती है।

धैर्य और दृढ़ता

चार दिनों का कठिन व्रत और लंबी प्रक्रिया धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। यह हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने की ताकत देता है।

आस्था और विश्वास

सूर्य और छठी मैया के प्रति अटूट विश्वास इस पर्व का आधार है। यह हमें सिखाता है कि विश्वास हमें कठिन समय में भी आगे बढ़ने की शक्ति देता है।

सामुदायिक एकता

छठ पूजा में समुदाय एक साथ मिलकर उत्सव मनाता है। यह हमें सामाजिक एकता और सहयोग की भावना सिखाता है।

तो इस बार छठ पूजा 2025 के मौके पर सिर्फ आस्था के सागर में डुबकी ना लगाएं। छठ व्रत से मिलने वाली सीख को अपने जीवन में उतार अपने साथ समाज को भी बेहतर बनाने की कोशिश करें। छठ पूजा की अग्रिम शुभकामनाएं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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