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Chacha Bhatija Jokes In Hindi: चाचा-भतीजे के इन मजेदार जोक्स को पढ़कर आप हो जाएंगे लोटपोट, पेट भी करने लगेगा दर्द

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 5, 2023, 07:08 PM IST

Chacha Bhatija Jokes In Hindi: अगर आप जिदंगी में खुश रहना चाहते हैं तो आपको जोक्स जरूर पढ़ने चाहिए। दरअसल जोक्स को पढ़ने के बाद आप जरूर हंसते हैं और जिससे आप हमेशा हेल्दी भी रहते हैं।

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Chacha Bhatija Jokes In Hindi

Photo : iStock

Chacha Bhatija Jokes In Hindi: यूं तो हर रिश्ता अपने आप में अलग होता है, लेकिन चाचा-भतीजे (Chacha Bhatija) का रिश्ता काफी मजेदार होता है। दोनों एक दूसरे से काफी ज्यादा मजाक करते हैं और एक-दूसरे की जमकर टांग खींचते हैं। अगर आप जिदंगी में खुश रहना चाहते हैं तो आपको जोक्स जरूर पढ़ने चाहिए। दरअसल जोक्स को पढ़ने के बाद आप जरूर हंसते हैं और जिससे आप हमेशा हेल्दी भी रहते हैं। ऐसे में आज हम चाचा-भतीजे के कुछ जोक्स नीचे शेयर कर रहे हैं, जिन्हें पढ़कर आप लोटपोट होने के साथ ही आपका पेट भी दर्द करने लगेगा।

चाचा-भतीजा जोक्स

चाचा - बेटा क्या करते हो?

भतीजा - नारी सम्मान सेवा पर काम कर रहा हूं।

चाचा - सोशल वर्कर हो?

भतीजा - नहीं चाचा जी, फेसबुक पर सब लड़कियों की फोटो लाइक करता हूं।

चाचा - बेटा क्या कंप्यूटर पर खिट-फिट कर रहे हो।

भतीजा - चाचा जी मैं गूगल पर सर्च कर रहा हूं यह दुनिया की हर चीज ढूंढ कर लोड कर देता है।

चाचा - अच्छा! तो बेटा मेरी भैस खो गयी है उसे जल्दी से ढूंढ़ कर ट्रक में लोड कर दो!

भतीजा - चाचा जी,आपने मेरे जन्मदिन पर एक नन्हा सा खिलौना दिया था,उसके लिए धन्यवाद!

चाचा - बेटे इसमे धन्यवाद की क्या बात है?

भतीजा - मेरी भी यही राय है,लेकिन मम्मी ने कहा है फिर भी धन्यवाद तो देना चाहिए।

भतीजा : चाचा 200 रुपए दे दो,

चाचा : पहले बता 200 में कितने ज़ीरो होते हैं,

भतीजा : 2 जीरो होते हैं,

चाचा : गलत जवाब 4 जीरो होते हैं,

भतीजा परेशान की कहीं चाचा पागल तो नहीं हो गए,

भतीजा : कैसे चाचा,

चाचा : चाचा ने तुरंत मोबाइल निकाला और टाइप किया 00200,

भतीजा बेहोश

एक बार चाचा और भतीजा बारात गए थे,

चाचा : तुझे इतनी मार क्यों पड़ी?

भतीजा : बारात में गलत बोल गया !

चाचा : क्या?

भतीजा : वारी बरसी खटन ग्यासी,

खटके ले आंदा तार।

भांगड़ा तभी सजेगा,

जब नाचे कुड़ी का यार!

चाचा : फिर तो मार पड़नी ही थी!

भतीजा : मुझे तो सिर्फ मार ही पड़ी,

जो बंदा नाचा उसकी तो परसों 13वीं है!

भतीजा -सोच रहा हूं कि अमेरिका घूम आऊं। चाचा जी, कितने पैसे लगेंगे?

चाचा - कुछ भी नहीं।

भतीजा-चाचा जी, वो कैसे?

चाचा- सोचने के पैसे नहीं लगते यार।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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