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Skin Care: अच्छी सेहत का रामबाण तो स्किन के लिए वरदान है ये 'फल', चम चम चमकेगा चेहरा

Jaiphal for Skin: चेहरे पर निकलने वाले मुंहासे और काले धब्बों से छुटकारा पाने के लिए कच्चे दूध के साथ थोड़े से जायफल को घिस लें। इसके पेस्ट को प्रभावित जगह पर ही लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। धोने के बाद चेहरे पर एलोवेरा लगाएं, इससे जलन कम होगी। दांतों की समस्या में भी जायफल आराम देता है।

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Skin Care: अच्छी सेहत का रामबाण तो स्किन के लिए वरदान है ये 'फल', चांद सा चमकेगा चेहरा (Photo: iStock)

आयुर्वेद में भारतीय रसोई में मौजूद मसालों को औषधि बताया है। घर की रसोई में मौजूद मसाले संक्रमण और कई बीमारियों को दूर करने में सहायक होते हैं। ऐसा ही एक खुशबूदार और स्वाद में तीखा मसाला होता है जायफल। जायफल पेट से लेकर त्वचा रोगों से निजात पाने में सहायक है, लेकिन इसका इस्तेमाल कब और कैसे करना है, ये बहुत मायने रखता है।

आयुर्वेद में जायफल को आयुर्वेदिक रत्न की उपाधि दी गई है। इसे शरीर, मन और आत्मा तीनों के लिए अमृत माना गया है। इसकी तासीर गर्म होती है और ये वात शामक औषधि होती है, तो शरीर में वात और कफ दोषों को संतुलित करने में मदद करती है। जायफल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में किसी तरह की भी सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद न्यूरो सुरक्षात्मक गुण मस्तिष्क को संतुलित करने और तनाव को कम करने में मददगार हैं। जायफल में पाचन तंत्र को मजबूत करने वाले गुण भी होते हैं और साथ ही ये शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक है।

जायफल का इस्तेमाल कई रोजमर्रा की परेशानियों से निजात पाने में किया जा सकता है। जैसे अगर नींद आने में परेशानी होती है तो जायफल का चूर्ण रात को दूध के साथ मिलाकर लेने से राहत मिलेगी। जायफल मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है, जिससे नींद अच्छी आती है। जायफल स्किन से जुड़ी समस्याओं में भी राहत देता है।

चेहरे पर निकलने वाले मुंहासे और काले धब्बों से छुटकारा पाने के लिए कच्चे दूध के साथ थोड़े से जायफल को घिस लें। इसके पेस्ट को प्रभावित जगह पर ही लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। धोने के बाद चेहरे पर एलोवेरा लगाएं, इससे जलन कम होगी। दांतों की समस्या में भी जायफल आराम देता है।

दांतों में दर्द और मसूड़ों में सूजन होने की स्थिति में जायफल के तेल में रूई को भिगो लीजिए और जहां दर्द है, वहां पर लगाना चाहिए। जायफल में दर्द को कम करने की क्षमता होती है और ये सूजन को भी कम करने में मदद करता है।

सर्दी-जुकाम और बलगम होने पर भी जायफल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में इसके चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर लेना चाहिए या दूध में मिलाकर भी ले सकते हैं। यह तरीका बच्चों और बड़ों के लिए कारगर है।

(इनपुट-आईएएनएस)

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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