Basant Panchami Recipe: कोई भी पर्व बिना मिठाई के अधूरा है। दिवाली से लेकर होली तक हमारे देश में कई बड़े-छोटे त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहार और पर्वों में सबसे खास चीज है मिठाई, जो हर किसी के घरों में बनती है। ऐसे में आज यानी 14 फरवरी को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। यह पर्व माता सरस्वती को समर्पित है, इस पर्व में मां सरस्वती की पूजा होती है और उन्हें कई तरह के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। मां सरस्वती को पीला रंग बेहद प्रिय है, तभी तो पूजा में उन्हें पीले रंग का भोग अर्पित किया जाता है। बसंत पंचमी के इस खास अवसर पर माता सरस्वती का आशीर्वाद पाना चाह रहे हैं, तो आज हम आपके साथ राजभोग मिठाई की रेसिपी और उसे बनाने के लिए कुछ टिप्स शेयर करेंगे।
राजभोग बनाने के लिए सामग्री
1) 200 ग्राम पनीर2) दो कप साफ पानी
3) आधा-एक चम्मच मैदा
4) आधा किलो चीनी
5) पीला फूड कलर
6) केसर आवश्यकतानुसार
7) एक छोटी चम्मच इलायची पाउडर
8) बादाम 8-10
9) पिस्ता 8-10
10) काजू-8-10

rajbhog recipe in hindi
राजभोग बनाने की विधि
1) राजभोग रसगुल्ला बनाने के लिए पहले फिलिंग तैयार करें। इसके लिए इलायची पाउडर, पिस्ता, बादाम और काजू को हल्का उबालकर छिलका निकाल लें।2) अब इन चारों को पानी और चाशनी के साथ अच्छे पकाएं और गाढ़ा कर लें।
3) राजभोग बनाने के लिए डो बनाएं, एक बाउल में पनीर को मैश कर अच्छे से मसल लें और उसमें मैदा मिलाएं।
4) डो जब सॉफ्ट हो जाए तो गोल-गोल रसगुल्ला बनाएं और उसके बीच में ड्राई फ्रूट्स और चीनी के मिश्रण को भरें।
5) सभी लोई से ऐसे ही भरवान वाले रसगुल्ले बनाकर एक थाली में रखें।
6) अब एक पैन में चीनी, केसर, फूड कलर और पानी को डालकर पतली चाशनी बनाएं।
7) चाशनी में उबाल आने के बाद राजभोग रसगुल्ले की लोई को डालकर अच्छे से पकाएं।
8) 15-20 मिनट में सभी राजभोग तैयार हो जाएंगे, चाशनी और राजभोग को किसी बाउल में निकालकर माता सरस्वती को भोग लगाएं।
राजभोग बनाते वक्त इन टिप्स को करें फॉलो
1) राजभोग रसगुल्ला के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ड्राई फ्रूट्स को पहले भिगो लें और छिलका उतारकर बारीक काट लें। सूखे ड्राई फ्रूट्स राजभोग के स्वाद को बिगाड़ सकती है।2) ड्राई फ्रूट्स के भरवान को ज्यादा पतला या सख्त न करें।
3) राजभोग को चाशनी में पकाते वक्त हर 4-5 मिनट में पानी डालें, नहीं तो चाशनी गाढ़ी हो जाएगी और राजभोग पक नहीं पाएगा।
4) राजभोग बनाने के तुरंत बाद उसे चाशनी से बाहर न निकाले, नहीं तो वह फट सकता है।
5) अच्छी खुशबू और स्वाद के लिए चाशनी में केसर के साथ केवड़ा या गुलाब एसेंस का उपयोग (गुलाब तेल का उपयोग) कर सकते हैं।
