Ganesh Chaturthi 2022 Ganesha Rules: गणपति का बड़ा सिर और लंबोदर पेट सिखाते हैं दुनियादारी के ये नियम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 26, 2022, 04:41 PM IST

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश जी अद्भुत शरीर हमेशा ही चर्चा का विषय रहा है। फिर चाहे वह उनकी सूंड हो, एकदंत हो, बड़े बड़े कान हो या फिर बड़ा सा पेट। बड़े पेड़ के कारण ही गणेश जी को लंबोदर भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश जी के शारीरिक अंगों में दुनियादारी के कई नियम छिपे हैं।

Ganesh Chaturthi 2022 Ganesha Rules: गणपति का बड़ा सिर और लंबोदर पेट सिखाते हैं दुनियादारी के ये नियम

 Ganesh Chaturthi 2022 Ganesha Rules: भगवान श्री गणेश का जन्मोत्सव आने वाला है और चारों ओर इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। 31 अगस्त 2022 को गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। भगवान श्री गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूज्य और मंगलकारी कहे जाते हैं। गणेश जी की लीलाएं जितनी अनोखी और अद्भुत है, उनका शरीर भी वैसा ही है। गणेश जी को उनके शरीर के कारण ही कई नाम भी मिले। जैसे एक दांत के कारण उन्हें एकदंत कहा जाता है। वहीं बड़े पेट के कारण गणपति को लंबोदर भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान गणेश के शरीर के अंगों में कई राज छिपे हैं जो दुनियादारी के नियम सिखाते हैं। जानते हैं इनके बारे में।

गणेश जी के बड़े पेट से मिलती है ये सीख

गणेश जी को बड़े पेट के कारण उन्हें लंबोदर भी कहा जाता है। एक मान्यता के अनुसार सबसे पहली बार भगवान शिव ने गणेश जी के लंबोदर कहकर संबोधित किया था, जिसके प्रभाव से उनका पेड़ बड़ा हो गया। गणेश जी के बड़े पेट का कारण यह भी है कि वे संसार को ज्ञान देते हैं कि अपना पेट बड़ा रखो। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि ढेर सारा तेल, घी या भूख से अधिक भोजन करके अपना स्वास्थ्य बिगाड़ लें। बल्कि बड़े पेट का यह कारण है कि चीजों को पचाना सीखना चाहिए। फिर चाहे वह भोजन हो या कानों सुनी किसी की बात। उसे पेट में ही पचा लेना चाहिए। इससे व्यक्ति खुश रहता है।

खुशहाली का प्रतीक है गणेश जी का लंबोदर पेट

चीनी वास्तु में लाफिंग बुद्धा का पेट भी बड़ा होता है जोकि खुशहाली और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। उसी तरह से समस्त देवताओं में केवल गणेश जी का भी पेट बड़ा होता है। धार्मिक दृषकोण से इससे कई मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई है। लेकिन गणेश जी के बड़े पेट को खुशहाली और आनंद का प्रतीक माना जाता है।

गणेश जी के बड़े सिर से मिलती है ये सीख

गणेश जी के पेट के साथ ही उनका सिर यानी मस्तक भी काफी बड़ा होता है। गणेश जी का बड़ा सिर इस बात का ज्ञान देता है कि व्यक्ति को अपनी सोच हमेशा बड़ी रखनी चाहिए। तभी वह जीवन में सफलता और जीत हासिल कर पाता है। माना जाता है कि बड़े सिर वाले व्यक्ति नेतृत्व करने में भी योग्य होते हैं और ऐसे लोगों की बुद्धि कुशाग्र होती है।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)

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