Ganesh Chaturthi 2022 Eco Friendly Rangoli: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गणपति बप्पा का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक चलता है और आखरी में चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा को विदा किया जाता है। इस बार भी गणपति बप्पा को खुश करने के लिए भक्त पूरी तैयारियों में जुट गए हैं। इस दिन लोग गणेश जी की मूर्ति को घर लाते हैं। पूजा-पाठ व्रत व भोग लगाते हैं। इसके साथ ही कई तरह के डेकोरेशन से घर सजाते हैं। गणपति बप्पा को खुश करने के लिए भक्त इस मौके पर घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं। अगर आप भी इस बार गणेश चतुर्थी इको फ्रेंडली तरीके से मनाना चाहते हैं तो फूलों की रंगोली से गणपति बप्पा का स्वागत करें। आइए जानते हैं फूलों की रंगोली से कैसे बनाएं सुंदर डिजाइन।
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रंग बिरंगे फूलों से बनाएं स्वस्तिक रंगोली

इको फ्रेंडली तरीके से रंगोली बनाने के लिए रंग बिरंगे फूलों का इस्तेमाल करें। इंटरनेट पर आपको कई तरह के फ्रेश व लेटस्ट डिजाइन मिल जाएंगे। अगर आप सिंपल रंगोली ट्राई करना चाहती हैं तो पीले गेंदे के फूल से गोल आकृति में बिछा दें। बीच में आम के पत्ते रंगोली के अंदर सजाएं और बीच में लाल फूलों से स्वस्तिक बना दें। हिंदू धर्म में स्वस्तिक काफी शुभ माना जाता है। हर शुभ कार्य में स्वस्तिक जरूर बनाया जाता है। ऐसे में स्वस्तिक वाली यह फूलों की रंगोली पूरे त्योहार की शोभा बढ़ा देगी।
फूलों व दिये वाले रंगोली

रंगोली की डिजाइन में फ्लावर्स और दीयों का कांबिनेशन बहुत ही सुंदर लगता है। आप भी फूलों की रंगोली के बीच में जलते हुए दिये को रख सकते हैं। इन्हें रंगोली के किनारे किनारे रखें। इस रंगोली के डिजाइन को बनाने के लिए आपको ज्यादा रंग के फूलों की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी और जलते दिए रंगोली की रोनक बढ़ा देंगे।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)

