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Ambedkar Jayanti 2024 Quotes in Hindi: पढ़ें बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के अनमोल विचार, डॉ. अंबेडकर के मोटिवेशनल कोट्स

Ambedkar Jayanti 2024 Quotes in Hindi: अंबेडकर जयंती पर लोग सोशल मीडिया के जरिए भी भारत रत्न भीमराव अंबेडकर के अनमोल विचारों को एक दूसरे संग साझा करते हैं। पढ़िए डॉ. अंबेडकर के कुछ प्रेरणादायक विचार औऱ जानिए कैसे यादगार बना सकते हैं ये दिन।

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Bhimrao Ambedkar Quotes in Hindi

Ambedkar Jayanti 2024 Quotes: अंबेडकर जयंती हर साल 14 अप्रैल (Ambedkar Jayanti Date) को मनाई जाती है। आज उनकी जयंती संलिब्रेट की जा रही है। साल 1891 में 14 अप्रैल को ही भारत रत्न बाबा भीमराव अंबेडकर का जन्म (Ambedkar Biography) हुआ था। बाबा अंबेडकर की याद में उनके जन्मदिन को अंबेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन सरकारी दफ्तर और बैंकों में छुट्टी रहती है। पूरा जीवन अछूतों को समानता का अधिकार दिलाने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान निर्माता भी थे। अंबेडकर का जीवन अपने आप में एक ग्रंथ है। उनके जीवन से सीख सकते हैं कि कैसे अपने हक के लिए लड़ा जाता है। डॉ. अंबेडकर के विचार उनके जीवन के बाद भी आज प्रासंगिक बने हुए हैं। भीमराव अंबेडकर के विचारों में इतनी ताकत है कि वह आज भी बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बाबासाहेब अंबेडकर जयंती सेलिब्रेशन (How Ambedkar Jayanti Celebrated)

डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर देश भर में अम्बेडकर की प्रतिमाओं और स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भारी तादाद में लोग इकट्ठे होते हैं। देश भर के स्कूल-कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में डॉ. अम्बेडकर के जीवन-दर्शन और योगदान के बारे में शिक्षित करने के लिए सेमिनार, व्याख्यान समेत कई तरह के आयोजन होते हैं। देश के कई हिस्सों में उनके जीवन और समाज सुधार के कामों को दिखाने वाली प्रदर्शनियां भी लगती हैं। कुछ लोग इस दिन जुलूस निकालते हैं। अंबेकर को फॉलो करने वाले इस दिन संविधान का पाठ भी करते हैं। तमाम तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

डॉ. अंबेडकर के अनमोल विचार (Bhimrao Ambedkar Quotes in Hindi)

अंबेडकर जयंती पर लोग सोशल मीडिया के जरिए भी भारत रत्न भीमराव अंबेडकर के अनमोल विचारों को एक दूसरे संग साझा करते हैं। आइए डालते हैं उनके कुछ प्रेरणादायक विचारों पर एक नजर:

1. मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।

2. हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय हैं।

3. भाग्य में विश्वास रखने के बजाए अपनी शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए।

4. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

5. जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है, वो आपके किसी काम की नहीं।

6. जीवन लंबा होने की बजाए महान होना चाहिए।

7. उदासीनता एक ऐसे किस्म की बीमारी है जो किसी को प्रभावित कर सकती है।

8. यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।

9. जो कौम अपना इतिहास तक नहीं जानती है, वे कौम कभी अपना इतिहास भी नहीं बना सकती है।

10. यदि मुझे लगेगा की संविधान का दुरुपयोग हो रहा है तो सबसे पहले मै इस संविधान को ही जलाऊंगा।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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