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Ada Jafri Shayari: जिस की जानिब 'अदा' नज़र न उठी, हाल उस का भी मेरे हाल सा था, पढें अदा जाफरी के चंद खूबसूरत शेर

Ada Jafri Shayari: अदा जाफरी का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हुआ था। 1947 में बंटवारे के बाद परिवार समेत वह पाकिस्तान चली गईं। मार्च 2015 में अदा जाफरी ने पाकिस्तान के कराची शहर में अंतिम सांस ली। भले आज वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अफनी नज्मों के जरिए वह हमेशा याद की जाती रहेंगी।

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Ada Jafri Poetry, Ada Jafri Shayari in Hindi, Urdu

Ada Jafri Shayari, Poetry in Hindi: अदा जाफरी फनकारी की दुनिया का मशहूर नाम रही थीं। अपनी नज्मों से उन्होंने ना जाने कितने ही दिलों को गुलज़ार किया। उनके एक एक शेर पर तालियों से पूरा मुशायरा गूंज उठता था। अदा ने जीवन के लगभग हर रंग को अपनी कलम से संवारा। उनके शायरियों में कुछ तो बात थी जो सीधे सुनने वाले के दिल को छूती थी। आइए पढ़ते हैं अदा जाफरी की कलम से निकले चंद खूबसूरत शेर:

न बहलावा, न समझौता, जुदाई सी जुदाई है

'अदा' सोचो तो खुशबू का सफ़र आसां नहीं होता

होंठों पे कभी उनके मेरा नाम ही आए

आए तो सही ब-सर-ए-इलज़ाम ही आए

जो आंखों ओट है चेहरा, उसी को देख कर जीना

ये सोचा था की आसां है मगर आसां नहीं होता

हमारे शहर के लोगों का अब अहवाल इतना है

कभी अख़बार पढ़ लेना कभी अख़बार हो जाना

इस क़दर तेज़ हवा के झोंके

शाख़ पर फूल खिला था शायद

आंसू जो रुका वो किश्त-ए-जां में

बारिश की मिसाल आ गया है

मिरा सुकूं भी मिरे आंसुओं के बस में था

ये मेहमां मिरी दुनिया निखारने आते

कुछ यादगार अपनी मगर छोड़ कर गईं

जाती रुतों का हाल दिलों की लगन सा है

सौ सौ तरह लिखा तो सही हर्फ़-ए-आरज़ू

इक हर्फ़-ए-आरज़ू ही मिरी इंतिहा है क्या

आलम ही और था जो शनासाइयों में था

जो दीप था निगाह की परछाइयों में था

तुम पास नहीं हो तो अजब हाल है दिल का

यूं जैसे मैं कुछ रख के कहीं भूल गई हूं

इस क़दर तेज़ हवा के झोंके

शाख़ पर फूल खिला था शायद

दिल के गुंजान रास्तों पे कहीं

तेरी आवाज़ और तू है अभी

बता दें कि अदा जाफरी का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हुआ था। 1947 में बंटवारे के बाद परिवार समेत वह पाकिस्तान चली गईं। मार्च 2015 में अदा जाफरी ने पाकिस्तान के कराची शहर में अंतिम सांस ली। भले आज वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अफनी नज्मों के जरिए वह हमेशा याद की जाती रहेंगी।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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