Artemis II Splashdown Blackout: आर्टेमिस-2 धरती की ओर वापस आ रहा है, कुछ ही देर में पृथ्वी पर लैंड कर जाएगा, लेकिन चांद से धरती तक की इस यात्रा के दौरान ऐसा हुआ कि सभी की सांसे अटक गईं, कुछ देर के लिए आर्टेमिस-2 स्क्रीन पर से गायब हो गया, करीब 6 मिनट तक आर्टेमिस का अता-पता नहीं रहा है। 6 मिनट बाद आर्टेमिस से फिर से संपर्क हो सका और अब वो सुरक्षित स्प्लैशडाउन कर गया है।
नासा को पहले से पता था ब्लैकआउट का
हालांकि यह ब्लैकआउट होगा, ये नासा को पहले से ही पता था। दरअसल आज जब भारतीय समयानुसार 5 बजे आर्टेमिस पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया तब उसकी स्पीड 40,000 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस दौरान वायुमंडल में तेज घर्षण के कारण स्पेसक्राफ्ट के बाहर का तापमान करीब 3,000 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच गया, यही वो वक्त था जब आर्टेमिस-2 यान से पृथ्वी की संपर्क टूट गया।
आर्टेमिस-2 की लाइव लैंडिंग यहां देखें
आर्टेमिस-2 में ब्लैकआउट क्यों?
यह ब्लैकआउट मुख्य रूप से अत्यधिक गर्मी और प्लाज्मा बनने के कारण होता है। जब Orion spacecraft लगभग 40,000 किमी/घंटा की तेज रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो हवा के साथ घर्षण से उसके चारों ओर बेहद गर्म गैसों की एक परत बन जाती है। इस परत को Plasma कहा जाता है। यही प्लाज़्मा रेडियो सिग्नल को रोक देता है, जिससे कुछ समय के लिए संपर्क संभव नहीं हो पाता।
कितनी देर गायब रहा आर्टेमिस-2
यह स्थिति आमतौर पर करीब 36 मिनट तक रही। इस दौरान ग्राउंड कंट्रोल अंतरिक्ष यान से कोई संदेश नहीं भेज या प्राप्त कर सकता। हालांकि यह एक सामान्य और पहले से अनुमानित प्रक्रिया होती है, इसलिए इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं होती है।
कहां लैंड होगा आर्टेमिस-2?
Artemis II मिशन का अंतरिक्ष यान अपनी यात्रा पूरी करने के बाद धरती पर Pacific Ocean में लैंड किया। यह लैंडिंग अमेरिका के पश्चिमी तट के पास समुद्र में हुई, जिसे स्पेस भाषा में स्प्लैशडाउन कहा जाता है। जब कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, तब पैराशूट की मदद से उसकी गति धीरे-धीरे कम की गई और फिर वह सुरक्षित रूप से समुद्र की सतह पर उतरा। इसके बाद NASA और अमेरिकी नौसेना की रिकवरी टीम जहाज और हेलीकॉप्टर की मदद से अंतरिक्ष यात्रियों और कैप्सूल को समुद्र से बाहर निकालेगी।
