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राजधानी की आबोहवा खराब होते ही लागू हुईं ग्रैप की पाबंदियां; जानिए क्या होता है GRAP?

Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के दूसरे चरण को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत कोयले और लकड़ी जलाने के साथ-साथ डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि क्षेत्र में वायु गुणवत्ता परिदृश्य की व्यापक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।

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दिल्ली प्रदूषण

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली में ग्रैप का दूसरा चरण लागू।
  • डीजल जेनरेटर पर प्रतिबंध लागू।
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई।

Delhi Pollution: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर के बीच क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के दूसरा चरण को लागू कर दिया है। हालांकि, विगत सालों के अनुभवों के आधार पर कहा जा सकता है कि दिल्ली का एक्यूआई अभी और बिगड़ सकता है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आईआईटी मद्रास के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रतिकूल मौसमी और जलवायु परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में दिल्ली का दैनिक औसत एक्यूआई 'बहुत खराब' श्रेणी (301 से 400 के बीच) में रहने की आशंका है। इस बीच, समझते हैं कि ग्रैप होता क्या है और इसके कितने चरण होते हैं?

GRAP क्या होता है?

मौसम के ठंडे होते ही राजधानी की आबोहवा बिगड़ने लगती है। आगामी दिनों में तो एक्यूआई के बहुत खराब श्रेणी में रहने का पूर्वानुमान है। ऐसे में ग्रैप का सहारा लिया जाता है। ग्रैप यानी Graded Response Action Plan, जो प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से उठाए जाने वाले एहतियाती कदम होते हैं। हालांकि, सरकार ही ग्रैप लागू करती है और प्रदूषण की समस्या का फौरी निपटान करने के लिए जरूरी प्रतिबंध लगाती है।

ग्रैप के चरण

प्रदूषण के स्तर को देखते हुए ग्रैप को चार चरणों में बांटा गया है। जब AQI 200 से 300 तक होता है तो पहला चरण, 301 से 400 तक में दूसरा चरण, 401 से 450 तक में तीसरा चरण और 450 से ज्यादा होने पर चौथा चरण लागू होता है।

क्रमांकचरणप्रदूषण स्तर (AQI)
1पहला200 से 300
2दूसरा301 से 400
3तीसरा401 से 450
4चौथा450 से ज्यादा

दिल्ली में ग्रैप का दूसरा चरण लागू

राजधानी में सोमवार को ग्रैप का दूसरा चरण लागू हो गया जिसके तहत अब 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन पर पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त कोयले और लकड़ी जलाने के साथ-साथ डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

एहतियाती कदम

  • बिजली की कटौती नहीं होगी ताकि लोग जेनरेटर का इस्तेमाल नहीं करें।
  • वैक्यूम मशीन से सड़कों की होगी सफाई।
  • जिन इलाकों में प्रदूषण ज्यादा है, वहां की सड़कों पर पानी का छिड़काव होगा।
  • निर्माण स्थलों की जांच होगी।
  • पार्किंग फीस में इजाफा होगा ताकि सार्वजनिक परिवहन का लोग इस्तेमाल करें।
  • सार्वजनिक परिवहन को और सुचारू बनाया जाएगा।

प्रतिबंध

  • कोयले और लड़की के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।
  • आपात व जरूरी सेवाओं के अलावा डीजल जेनरेटर पर भी पाबंदी।
  • पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों पर भी लगा प्रतिबंध।
Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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