हादसे की क्या थी वजह?
जांचकर्ताओं ने 'डी-आइसिंग सिस्टम' को हादसे की मुख्य वजह करार नहीं दिया और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए अतिरिक्त जांच की जरूरत बताई, लेकिन उनकी रिपोर्ट विमानन विशेषज्ञों की इस परिकल्पना को बल देती है कि संभवत: 'डी-आइसिंग सिस्टम' के नाकाम होने की वजह से यह हादसा हुआ तो चलिए ऐसे में विस्तार से समझते हैं कि आखिर 'डी-आइसिंग सिस्टम' क्या होता है और कैसे काम करता है।
क्या है 'डी-आइसिंग सिस्टम'?
'डी-आइसिंग सिस्टम' विमानों का एक सुरक्षा कवच होता है। इसके जरिए विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के खतरे को कम किया जाता है। दरअसल, ठंडे और बर्फीले मौसम में विमान के पंखों, पूंछ और अन्य सतही जगहों पर बर्फ को हटाने के लिए इस प्रणाली को डिजाइन किया गया है, क्योंकि विमान की सतही जगहों पर बर्फ जमने की वजह से टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही हवा में विमान का नियंत्रण भी खराब हो सकता है।
इसी वजह से ठंडे और बर्फीले मौसम में विमानों से बर्फ हटाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में डी-आइसिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है।

ब्राजील विमान दुर्घटना
डी-आइसिंग का क्या है अर्थ?
डी-आइसिंग का मतलब किसी सतह से पहले से जमी हुई बर्फ को हटाने से होता है। इसलिए विमान के उड़ान भरने के पहले और ठंड के मौसम में हर उड़ान से पहले डी-आइसिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में एक खास तरह का गर्म तरल पदार्थ इस्तेमाल किया जाता है, जो सतह पर जमी हुई बर्फ को हटा देता है। इसके अतिरिक्त एक तरह का और सिस्टम लगा रहता है, जो विमान में बर्फ को जमने से रोकता है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में क्या कुछ आया सामने
ब्राजीलिया विमान दुर्घटनाग्रस्त वाले दिन मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट्स में हादसे वाली जगह के पास बर्फ जमने का अनुमान जताया गया था। ब्राजीलियाई वायुसेना केंद्र के जांचकर्ता पाउलो फ्रेस ने बताया कि विमान के कॉकपिट में लगे 'वॉयस रिकॉर्डर' में दर्ज ऑडियो से पता चला है कि पायलट ने पंखों पर बर्फ जमने और 'डी-आइसिंग सिस्टम' के नाकाम होने के संकेत दिए थे।

ब्राजील प्लेन क्रैश
बकौल पाउलो फ्रेस, विमान दुर्घटनाग्रस्त से महज दो मिनट पहले को-पायलट ने बहुत ज्यादा बर्फ होने की बात कही थी। विमान के डेटा रिकॉर्डर से भी संकेत मिले कि पंखों पर बर्फ जमने से रोकने के लिए जिम्मेदार 'डी-आइसिंग सिस्टम' को कई बार चालू और बंद किया गया था।
