Solar Flare: सूर्य पिछले कुछ समय से अजीबों-गरीब हरकत कर रहा है। विज्ञानी इसको लेकर चिंतित हैं। आए दिन सूर्य की सतह में बने सनस्पॉटों में लगातार विस्फोट हो रहे हैं और उससे सोलर फ्येलर निकल रही है, जो पृथ्वी की ओर बढ़ सकती है। सोलर फ्लेयर को सौर तूफान भी कहा जाता है।
पृथ्वी पर सोलर फ्लेयर की वजह से रेडियो उपकरण खराब हो सकते हैं और ऑरोरा बोरियालिस या नॉर्दन लाइट्स दिखाई देंगी। आर्कटिक क्षेत्रों में पहले भी आसमान रंग विरंगों रोशनी से भर गया है।
नासा ने सूर्य में उठे हुए भयंकर सोलर फ्लेयर की तस्वीर शेयर की। नासा के मुताबिक, इस माह की शुरुआत में जिस क्षेत्र से ऑरोरा निकली थी ठीक वहां से सोलर फ्लेयर निकली है। हाल ही में दो बार सोलर फ्लेयर की घटना दर्ज की गई। 27 मई के बाद 29 मई को भी सनस्पॉट से सौर तूफान निकला है।
कब उठा सौर तूफान?
सूर्य अपने सौर चक्र से गुजर रहा है। ऐसे में वह एक्टिव मोड में है। जिसकी वजह से आए दिन सूर्य में विस्फोट हो रहे हैं और सौर तूफान उठ रहा है। यूं तो इस सौर तूफान का मनुष्यों पर कोई असर नहीं करेगा, लेकिन अगर बहुत ही तगड़ सोलर फ्लेयर हुआ तो इलेक्ट्रिक ग्रिड प्रभावित हो सकते हैं।
नासा सन एंड स्पेस के मुताबिक, सूर्य से 29 मई, 2024 को सुबह एक सौर तूफान उठा, जो 10:37 बजे ईस्टर्न टाइम जोन पर अपने चरम पर था। NASA की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने इस घटना को कैप्चर किया है। यह X1.4 क्लास का सौर तूफान था।

सोलर फ्लेयर क्या है?
सौर तूफान क्या है?
सौर तूफान रेडिएशन का शक्तिशाली विस्फोट है। हालांकि, पृथ्वी पर मौजूद मनुष्यों को यह प्रभावित नहीं कर सकता है, लेकिन जीपीएस और कम्युनिकेशन सिग्नल बाधित हो सकते हैं।
