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क्या है सोलर फ्लेयर? 2005 के बाद सूर्य से निकली सबसे चमकदार रोशनी, इसके बारे में आप भी जान लें

सूर्य की सतह से निकलने वाली ऊर्जा का तीव्र विस्फोट ही सोलर फ्लेयर है। आसान भाषा में समझें तो सूर्य चुंबकीय ऊर्जा रिलीज करता है तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्स से ही सोलर फ्लेयर बनते हैं और हाल ही में ऐसी ही घटना को दर्ज किया गया था। हालांकि, ऐसी घटना फिर कब होगी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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सोलर फ्लेयर क्या है?

Photo : Times Now Digital

Solar Flare: सौरमंडल में हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दरअसल, सूर्य से सौर ज्वाला निकली, जिसे सोलर फ्लेयर भी कहा जाता है। यह पिछले दो दशकों में पैदा हुई सबसे बड़ी सोलर फ्लेयर थी। आप को थोड़ा बहुत तो समझ में आ ही गया होगा कि सोलर फ्लेयर आखिर क्या है, लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं हम आपको इसके बारे में विस्तार से समझाएंगे।

क्या है सोलर फ्लेयर?

सूर्य की सतह से निकलने वाली ऊर्जा का तीव्र विस्फोट ही सोलर फ्लेयर है। आसान भाषा में समझें तो सूर्य चुंबकीय ऊर्जा रिलीज करता है तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्स से ही सोलर फ्लेयर बनते हैं और हाल ही में ऐसी ही घटना को दर्ज किया गया था। 2005 के बाद सबसे ज्यादा चमकदार सोलर फ्लेयर की घटना को दर्ज किया गया, जिसने कौतूहल पैदा किया।

बता दें कि सोलर फ्लेयर हमारे सौर मंडल की सबसे बड़ी विस्फोटक घटनाओं में से एक है। सोलर फ्लेयर्स की निगरानी करने के लिए 'एक्स-रे' और 'ऑप्टिकल लाइट' का इस्तेमाल करते हैं।

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सोलर फ्लेयर क्या है?

कब होगी सोलर फ्लेयर की अगली घटना?

बकौल नासा, सोलर फ्लेयर की घटना के बारे में भविष्यवाणी करने में वैज्ञानिक अभी सक्षम नहीं हैं, लेकिन कई वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिक सोलर फ्लेयर को लेकर आश्चर्यचकित नहीं हैं, क्योंकि यह सक्रिय क्षेत्रों से फूटती हैं। ऐसे में अगर कोई नया सक्रिय क्षेत्र बना तो उन पर होने वाले विस्फोटों पर वैज्ञानिकों की नजर होती है। इसके बावजूद भविष्यवाणी करना अभी वैज्ञानिकों के बस की बात नहीं है।

क्या पृथ्वी पर पड़ेगा इसका असर

अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पृथ्वी पर इसका असर पड़ेगा? तो हम आपको बता दें कि सोलर फ्लेयर अगर सूर्य के उस हिस्से में होता है, जो पृथ्वी से बेहद करीब है तो पृथ्वी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि सोलर फ्लेयर का असर पृथ्वी पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि सूर्य के एक हिस्से में भड़की हुई ज्वाला पृथ्वी से काफी दूर है।

सूर्य का नया सौर्य चक्र कब होता है शुरू?

पृथ्वी पर सोलर फ्लेयर के टकराने की प्रवृत्ति सूर्य की गति पर निर्भर करती है। हर 11 साल में सूर्य का नया सौर्य चक्र शुरू होता है। ऐसे में11 साल के इस सौर चक्र की सबसे यह बड़ी चमक है।

NASA ने सोलर फ्लेयर की चमक को किया कैद

नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने सोलर फ्लेयर की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि ऐसा अभी तक नहीं हुआ... साथ ही इस बात का अनुमान जताया कि पृथ्वी सोलर फ्लेयर के क्षेत्र से बाहर होनी चाहिए। हालांकि, इस दृश्य को कैप्चर किया गया है। नासा की सोलर डायनेमिक्स वेधशाला ने सोलर फ्लेयर की 'एक्स-रे' चमक या कहें रोशनी को कैमरे में कैप्चर किया। यह साल 2005 के बाद सबसे ज्यादा चमकदार थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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