नॉलेज

राष्ट्रीय पक्षी की निर्मम हत्या पर कितनी मिलती है सजा? भदोही में मोर की पीट-पीटकर हत्या

Peacock: राष्ट्रीय पक्षी मोर से साथ दुर्व्यवहार की आए दिन खबरें सामने आती हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से आया है, जहां पर एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला। आरोपी के खिलाफ मामला हो गया है और उसे तलाशा जा रहा है। तो चलिए ऐसे में समझते हैं कि राष्ट्रीय पक्षी मोर की हत्या पर क्या है सजा का प्रवाधान?

Image

मोर

Photo : iStock

Peacock: राष्ट्रीय पक्षी मोर से साथ दुर्व्यवहार की आए दिन खबरें सामने आती हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से आया है, जहां पर एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरयावा थाना क्षेत्र के पूरे मनोहर गांव में शुक्रवार शाम गब्बर वनवासी ने मोर को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला और जब लोगों ने शोर मचाया तो वह फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ मामला हो गया है और उसे तलाशा जा रहा है। तो चलिए ऐसे में समझते हैं कि राष्ट्रीय पक्षी मोर की हत्या पर क्या है सजा का प्रवाधान?

मोर का होगा पोस्टमार्टम

पुलिस अधिकारी ने बताया कि वन विभाग मोर का पोस्टमार्टम करेगा। उसने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आए हैं।

कितनी मिलती है सजा?

राष्ट्रीय पक्षी मोर को मारना या उसका शिकार करना दंडनीय अपराध है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मोर देश का प्रतिबंधित पक्षी है और उसका शिकार करना या उसे नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है जिसके लिए सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। अगर कोई आरोपी मोर को नुकसान पहुंचाता है और यह सिद्ध हो जाता है तो उसे तीन से पांच साल तक की सजा और आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है। हालांकि, धारा 51 (1-ए) के तहत मोर को मारने पर सात साल तक की सजा हो सकती है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article