Peacock: राष्ट्रीय पक्षी मोर से साथ दुर्व्यवहार की आए दिन खबरें सामने आती हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से आया है, जहां पर एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरयावा थाना क्षेत्र के पूरे मनोहर गांव में शुक्रवार शाम गब्बर वनवासी ने मोर को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला और जब लोगों ने शोर मचाया तो वह फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ मामला हो गया है और उसे तलाशा जा रहा है। तो चलिए ऐसे में समझते हैं कि राष्ट्रीय पक्षी मोर की हत्या पर क्या है सजा का प्रवाधान?
मोर का होगा पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वन विभाग मोर का पोस्टमार्टम करेगा। उसने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आए हैं।
कितनी मिलती है सजा?
राष्ट्रीय पक्षी मोर को मारना या उसका शिकार करना दंडनीय अपराध है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मोर देश का प्रतिबंधित पक्षी है और उसका शिकार करना या उसे नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है जिसके लिए सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। अगर कोई आरोपी मोर को नुकसान पहुंचाता है और यह सिद्ध हो जाता है तो उसे तीन से पांच साल तक की सजा और आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है। हालांकि, धारा 51 (1-ए) के तहत मोर को मारने पर सात साल तक की सजा हो सकती है।
