Difference Between Dam and Barrage: हमारे पड़ोसी बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। राजनीतिक उथल पुथल के बाद अब बांग्लादेश के कई हिस्से बाढ़ का सामना कर रहे हैं और पड़ोसी देश के लिए इसके लिए हमें यानी भारत को जिम्मेदार ठहराया है और आरोप लगाया कि फरक्का बैराज खोलने की वजह से बांग्लादेश में ऐसे हालात उत्पन्न हुए। हालांकि, भारत ने पड़ोसी देश को इसका सटीक जवाब दिया। खैर, आज समझेंगे कि आखिर बांध और बैराज में क्या अंतर है।
बांध और बैराज में क्या है अंतर?
बांध और बैराज दोनों का पानी के जलस्तर से सीधा संबंध है, लेकिन दोनों में ही बुनियादी अंतर जरूर है। अक्सर आप लोगों ने पानी को रोकने के लिए बनाए गए बड़े-बड़े बांधों को देखा होगा। साथ ही आप लोगों ने पाया होगा कि बांध का इस्तेमाल बिजली पैदा करने के लिए भी किया जा रहा है तो चलिए अब बुनियादी फर्क भी समझ लेते हैं।
बैराज और बांध दोनों को ही आप उनकी ऊंचाइयों से पहचान सकते हैं। यूं तो बैराज भी बांध जैसे ही होते हैं, लेकिन उसकी ऊंचाई बांध की तुलना में कम होती है। साथ ही उसमें बहुत सारे गेट्स लगे होते हैं। जिसकी मदद से पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त बैराज का इस्तेमाल पानी की दिशा को मोड़ने के लिए भी किया जाता है।

बैराज (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कहां बनाया जाता है बैराज?
अक्सर बैराज का निर्माण धीमी प्रवाह वाली नदियों में किया जाता है। इसकी मदद से पानी का जलस्तर भी बढ़ाया जाता है। बैराज का निर्माण भी बांध की तुलना में कम खर्चीला होता है और इसमें गेट्स लगाए जाते हैं। जिसके जरिए बाढ़ के पानी को रोकने की कोशिश होती है। साथ ही बैराज का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए भी किया जाता है।
कब बनाया जाता है बांध?
पानी को एकत्रित करने के लिए बांध का निर्माण किया जाता है। इन्हें उन नदियों में बनाया जाता है जिसका प्रवाह तेज होता है। बांधों में जमा पानी का इस्तेमाल खेतिहर जमीन की सिंचाई, बिजली उत्पादन सहित अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाता है। बांध की ऊंचाई बैराज की तुलना में ज्यादा होती है।
भारत का बांग्लादेश को दो टूक जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि फरक्का बांध नहीं, बल्कि बैराज है। उन्होंने कहा कि यह समझना होगा कि फरक्का महज एक बैराज है, बांध नहीं। जब भी जल स्तर तालाब के स्तर तक पहुंच जाता है तो जो भी प्रवाह आता है, वह निकल जाता है।
फरक्का बैराज क्या है?
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी पर फरक्का बैराज स्थित है। फरक्का बैराज से महज 18 किमी की दूरी पर बांग्लादेश की सीमा है। इसका निर्माण 1962 से लेकर 1970 तक चला था और उस वक्त बैराज निर्माण कार्य में लगभग एक बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए थे। हालांकि, बैराज आधिकारिक तौर पर 21 अप्रैल, 1975 से चालू हुआ था।
