Gurjar Agitation: राजस्थान सरकार ने मानी अहम मांगें, गुर्जर आंदोलन पर सस्पेंस कायम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 1, 2020, 12:26 AM IST

राजस्थान में 1 नवंबर से होने वाले गुर्जर आंदोलन से पहले सरकार और गुर्जर समाज के नेताओं में 14 बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है।

Gurjar Agitation: राजस्थान सरकार ने मानी अहम मांगें, गुर्जर आंदोलन पर सस्पेंस कायम

जयपुर। राजस्थान में 1 नवंबर से गुर्जर नेताओं ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। ऐहतियात के  तौर पर भरतपुर, करोली,सवाईमाधोपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। लेकिन उससे पहले इस विषय में राजस्थान सरकार मे सकारात्मक आश्वासन दिए हैं। गुर्जर समाज का एक गुट हिम्मत सिंह गुर्जर के नेतृत्व में मंत्री रघु शर्मा से मिला। हिम्मत सिंह गुर्जर का कहना है कि सरकार से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है और सरकार 14 बिंदुओं पर सहमत हो चुकी है, लिहाजा अब किसी आंदोलन की जरूरत नहीं है, उन्हें उम्मीद है कि सरकार सभी मांगों को पूरा करेगी। 

क्या कहते हैं कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला
एक तरफ गुर्जर समाज का हिम्मत सिंह गुट कह रहा है कि जिस तरह से सरकार ने उन लोगों को मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया है उस हालात में आंदोलन का कोई तुक नहीं रह जाता है। लेकिन इस समाज के बड़े चेहरे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का कहना है कि जिन लोगों ने सरकार से बात की है उन्हें पीलूपुरा आना पडे़गा। पीलूपुरा में पूरा समाज इकट्ठा है जहां तक आंदोलन को रोकने या शुरू करने की बात है उसके बारे में समाज का फैसला आखिरी होगा। 

राज्य सरकार के साथ बैठक में इस मुद्दों पर बनी सहमति
गुर्जर आंदोलन के समय मारे लोगों को पांच लाख का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी। सरकारी नौकरियों में जो बैकलॉग है उसमें भी गुर्जर आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। गुर्जर आंदोलन के समय 2011 में जो समझौता हुआ था उसका पालन किया जाएगा।  1252 पदों पर  नियमित वेतनमान श्रृंखला के तहत सरकारी नौकरी  विशेष आरक्षण कोटे के तहत दी जाएगी।

1 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आरक्षण की मांग पर रविवार से आंदोलन करने की चेतावनी दी है। आंदोलन के दौरान रेल और सड़क जाम करने की भी धमकी दी है।  गुर्जर समाज के लोग राज्य की अशोक गहलोत सरकार की अनदेखी से नाराज है।दौसा में इसी मुद्दे को लेकर पिछले दिनों गुर्जर समाज की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला इस आंदोलन का अगुवाई करेंगे। 

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