Jaipur News: जयपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने बिल्डिंग की चौथी मंजिल स्थित बालकनी के जाल को काटकर उसके ऊपर से छलांग लगा दी। घटना में चार्टर्ड अकाउंटेंट की सनसनीखेज मौत हो गई। घटना का पता उस वक्त चला जब सीए के पिता ने फ्लैट पर आकर देखा तो बालकनी का जाल कटा हुआ था और पीछे बेटे रक्षित खंडेलवाल का शव पड़ा हुआ था। इस दौरान घटना के बाद पूरे अपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। मुहाना थाना की पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया।
बता दें कि घटना मुहाना थाना क्षेत्र के अरबाना ज्वेलर्स अपार्टमेंट की है। पुलिस के अनुसार मुहाना इलाके के रहने वाले रक्षित खंडेलवाल अपने परिवार के साथ यहां रहा करते थे। कोरोना काल में पिता रमाकांत के कपड़े का शोरूम घाटे की वजह से बंद हो गया। शोरूम बंद होते ही पूरी जिम्मेदारी रक्षित के सर पर आ गई। लम्बे समय से परिवार में आर्थिक तंगी चल रही थी। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने रक्षित के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है।
सुसाइड की ये थी वजह
बता दें कि सुसाइड नोट में रक्षित ने भरतपुर के रहने वाले भीम सिंह नाम के युवक को इस मौत के पीछे का जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में रक्षित ने भीम सिंह पर उसके पूरे परिवार पर धोखाधड़ी के केस जयपुर और भरतपुर में करवाने गंभीर के आरोप लगाए हैं। इन मामलों के चक्कर में उसके पूरे परिवार को लंबे समय से कई तरह से परेशान करने की बात लिखी गई है।
पिता की शिकायत पर जांच शुरू
जानकारी के लिए बता दें की सुसाइड नोट में भरतपुर के डिप्टी सतीश वर्मा का भी हवाला दिया गया है। सुसाइड नोट में भीम सिंह जैसे अपराधी प्रवृति के लोगों की ओर से पूरे परिवार को परेशान करने और एससी-एसटी के फर्जी मामले में फंसाने जैसे आरोप रक्षित खंडेलवाल ने लगाए हैं। 6 पन्नों के सुसाइड नोट में रक्षित ने आर्थिक तंगी और लोन से काफी परेशान होना भी लिखा है। घटना के बाद रक्षित ने अपने सुसाइड नोट के माध्यम से पूरे परिवार को परेशान नहीं करने की भी पुलिस से गुजारिश की है। फिलहाल रक्षित के पिता रमाकांत खंडेलवाल की शिकायत पर जयपुर की मुहाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और प्रकरण की जांच पड़ताल में जुट गई है।

