Zubeen Garg Death Case: असम की सांस्कृतिक पहचान और लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के परिवार ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर पिछले वर्ष सितंबर में सिंगापुर में हुई उनकी मृत्यु के मामले में शीघ्र सुनवाई की मांग की है। परिवार ने इस प्रकरण में उचित राजनयिक और कानूनी कदम उठाने के लिए एक विशेष अदालत के गठन का आग्रह किया है। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए।
जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग, बहन पालमी बोरठाकुर और चाचा मनोज बोरठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कहा गया है कि गायक-संगीतकार की मृत्यु से केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि असम और देशभर में उनके चाहने वाले भी गहरे सदमे में हैं और इस मामले में पारदर्शिता व न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि असम पुलिस की सीआईडी गुवाहाटी में मामले की जांच कर रही है, जबकि सिंगापुर के संबंधित अधिकारी भी अपनी ओर से जांच कर रहे हैं। परिवार दोनों देशों के जांच एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है ताकि मामले में सच्चाई सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
आम जनता का बना रहे न्याय व्यवस्था पर भरोसा
परिवार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि भारत में एक विशेष अदालत के गठन के लिए आवश्यक हस्तक्षेप किया जाए, जिससे इस मामले की सुनवाई जल्द हो सके और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। जुबिन के परिजनों ने कहा है कि उपयुक्त न्यायिक और प्रशासनिक कदम उठाकर मुकदमे की प्रक्रिया को तेज किया जाना जरूरी है, ताकि अनावश्यक विलंब से न्याय प्रभावित न हो और समय बीतने के साथ साक्ष्य या तर्क कमजोर न पड़ें।
आरोपी को न दी जाए जमानत
इसके अलावा, परिवार ने यह मांग भी रखी है कि न्यायिक प्रक्रिया के पूर्ण होने तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए। उन्होंने असम सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति के कार्य को सशक्त बनाने के लिए, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सरकारी वकीलों की नियुक्ति का भी अनुरोध किया है, ताकि मामले की सुनवाई पूरी पेशेवर दक्षता, गंभीरता और तेजी के साथ आगे बढ़ाई जा सके।
कानूनी सहायता से जुड़े सभी वैध विकल्पों का इस्तेमाल
परिवार ने सिंगापुर सरकार के साथ सक्रिय राजनयिक और कानूनी समन्वय की मांग की है, ताकि वहां की कोरोनर कोर्ट में चल रही सुनवाई पर उच्च स्तर से निगरानी रखी जा सके। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मामले से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां, साक्ष्य और गवाहों के बयान भारतीय अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही, पारस्परिक कानूनी सहायता से जुड़े सभी वैध विकल्पों का उपयोग किया जाए और क्षेत्राधिकार से जुड़ी तकनीकी जटिलताएं सच्चाई सामने लाने में बाधा न बनें।
19 सितंबर को हुई थी जुबीन गर्ग की मौत
गौरतलब है कि जुबीन की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैराकी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने के लिए सिंगापुर गए थे। इस मामले की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, जिसने 12 दिसंबर को आरोपपत्र दाखिल किया। अब तक इस प्रकरण में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया है, जबकि एक व्यक्ति पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
(इनपुट - भाषा)
