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फुटबॉल टीम के नाम पर केरल-बंगाल ले जाकर युवाओं का हो रहा ब्रेनवॉश; महाराष्ट्र ATS की कार्रवाई में खुला राज

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि फुटबॉल से जुड़े कुछ युवाओं को कथित तौर पर वैचारिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। महाराष्ट्र ATS ने 15-16 फरवरी को यवतमाल जिले के पुसद और अहिल्यानगर जिले में कुल 21 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।

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महाराष्ट्र ATS (फाइल फोटो|PTI)

Photo : PTI

महाराष्ट्र एटीएस ने राज्य के दो जिलों में 21 ठिकानों पर रेड और सर्च ऑपरेशन चलाकर एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। हालांकि इस मामले में जांच लगातार जारी है। अब तक कि कार्रवाई में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई संभावित रैडिकलाइजेशन नेटवर्क की जांच के तहत की गई। जांच के दौरान पुसद क्षेत्र के कुछ फुटबॉल क्लब एजेंसियों के रडार पर आए हैं। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि फुटबॉल से जुड़े कुछ युवाओं को कथित तौर पर वैचारिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। महाराष्ट्र ATS ने 15-16 फरवरी को यवतमाल जिले के पुसद और अहिल्यानगर जिले में कुल 21 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।

फुटबॉल टीम के नाम पर युवाओं का ब्रेनवॉश

सूत्रों ने बताया कि पता चला है कि कुछ मामलों में युवाओं को 'फुटबॉल टीम'के नाम पर राज्य के बाहर विशेषकर केरल और पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। जहां उन्हें ब्रेनवाश किया जाता था। अब जांच एजेंसी इन यात्राओं के उद्देश्य और फंडिंग पैटर्न की जांच कर रही हैं। हालांकि, इस मामले में एटीएस ने अभी तक कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की है।

इस रेड में एटीएस ने कई तलवारें,इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (लैपटॉप/मोबाइल) और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे। कई स्थानों से सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लेकर उसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। डिजिटल डिवाइस की डेटा रिकवरी और चैट/फंडिंग ट्रेल की पड़ताल साइबर विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है। कुछ क्लब्स के ट्रेनर के मोबाइल भी जांच के दायरे में हैं।

SIMI से जुड़े तत्वों पर नजर

जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्रतिबंधित संगठन Students Islamic Movement of India (SIMI) पर बैन के बाद उससे जुड़े कुछ तत्व अलग-अलग नामों से छोटे समूह बनाकर सक्रिय हो सकते हैं। नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर,यवतमाल और अहिल्यानगर जैसे क्षेत्रों में ऐसे नेटवर्क की समय-समय पर जांच होती रही है।

सूत्रों के मुताबिक नागपुर में सक्रिय एक व्यक्ति, जो मूल रूप से पुसद का निवासी बताया जा रहा है, एजेंसियों के रडार पर है। दावा है कि उसका परिवार पहले SIMI से जुड़ा रहा है और तीन वर्ष पहले उसे इसी तरह के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। फिलहाल उससे दोबारा पूछताछ की गई है, लेकिन कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को बहकाने की आशंका

जांच में यह भी इनपुट सामने आया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और खेल गतिविधियों में सक्रिय युवाओं को 'मार्गदर्शन' या 'वर्कशॉप' के नाम पर जोड़ने की कोशिश की गई। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों के पीछे संगठित फंडिंग या बाहरी कनेक्शन मौजूद हैं या नहीं।

ATS अधिकारियों ने कहा है कि मामला संवेदनशील चरण में है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संगठन या व्यक्ति को दोषी ठहराने से एजेंसी ने परहेज किया है। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई तय करेंगी। आने वाले दिनों में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर एफआईआर दर्ज होने या अन्य कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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