देश

यंग इंडियन लिमिटेड धन शोधन में लिप्त थी- कोर्ट में ASG एस वी राजू का दावा, आरोपी हैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी

यंग इंडियन केस में एएसजी राजू की दलीलों के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है। ईडी का आरोप है कि गांधी परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी ने धोखाधड़ी से संपत्ति अधिग्रहित की।

Image

राहुल गांधी और सोनिया गांधी (फाइल फोटो- PTI)

नेशनल हेराल्ड मामले में शनिवार को हुई अहम सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस. वी. राजू ने अदालत में कई गंभीर आरोप पेश किए। उन्होंने कहा कि यंग इंडियन लिमिटेड, जो कि गांधी परिवार से जुड़ी एक निजी कंपनी है, धन शोधन (money laundering) में संलिप्त थी और इसे चंदा देने से लोगों को कांग्रेस पार्टी से चुनावी टिकट दिलवाने में मदद मिलती थी। ईडी के आरोपपत्र में सोनिया और राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, सुमन दुबे, सुनील भंडारी और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं।

क्या कहा एएसजी राजू ने?

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में अपनी प्रत्युत्तर दलीलें पेश करते हुए एएसजी राजू ने अभियोजन पक्ष की शिकायत में दर्ज कुछ गवाहों के बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा: "यंग इंडियन को धन देने से टिकट मिल सकता है — यह बात एक गवाह ने स्पष्ट रूप से बताई।" उन्होंने एक अन्य गवाह का बयान पढ़ा, जिसमें बताया गया कि उसे यंग इंडियन के बैंक खाते में 50 लाख रुपये जमा करने को कहा गया था, और बदले में उतनी ही राशि नकद में वापस मिलने की बात थी। उसने कथित तौर पर 20 लाख रुपये जमा किए और उतना ही कैश वापस लिया।

राजनीतिक फंडिंग या मनी लॉन्ड्रिंग?

एएसजी राजू ने कहा कि यंग इंडियन को जिन लोगों ने चंदा दिया, वे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर ऐसा कर रहे थे और कई दानदाताओं को यह तक नहीं पता था कि यंग इंडियन असल में क्या करती है। “कुछ लोगों ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के कहने पर दान दिया। उन्हें यंग इंडियन के उद्देश्यों का कोई ज्ञान नहीं था। यह पूरी प्रक्रिया साफ तौर पर संदेहास्पद है।”

ईडी के आरोप और गांधी परिवार की भूमिका

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार: यंग इंडियन, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76% शेयर हैं, ने धोखाधड़ी से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अधिग्रहित की। एजेएल वही संस्था है जो नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करती थी। ईडी का आरोप है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने गुप्त रूप से एजेएल को 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया, जिसे बाद में यंग इंडियन ने सिर्फ 50 लाख रुपये में अधिग्रहित कर लिया। यह पूरा लेन-देन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article