कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर (वी.डी. सावरकर) पर की गई टिप्पणियों को लेकर दर्ज मानहानि मामले में खुद को निर्दोष बताया है। यह बयान शुक्रवार को पुणे की एक अदालत में उनके वकील मिलिंद पवार ने दर्ज कराया।
अदालत में राहुल गांधी की ओर से पेश हुए वकील
पुणे की न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) और विशेष एमपी/एमएलए अदालत के न्यायाधीश अमोल श्रीराम शिंदे ने जब मामले की सुनवाई की, तो राहुल गांधी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं थे। उनकी ओर से वकील मिलिंद पवार पेश हुए और उन्होंने बताया कि गांधी खुद को दोषी नहीं मानते हैं।
अदालत ने बचाव पक्ष से तीन अहम सवाल पूछे:
- क्या आरोपी को शिकायत और दस्तावेज प्राप्त हुए हैं?
- क्या अभियुक्त ने अपने विरुद्ध आरोपों को समझ लिया है?
- क्या आप खुद को दोषी मानते हैं?
क्या है मामला?
वी.डी. सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने अप्रैल 2023 में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में अपने एक भाषण में वीर सावरकर के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे। शिकायत में कहा गया कि यह बयान "झूठे, दुर्भावनापूर्ण और सावरकर का अपमान करने के इरादे से दिए गए थे।"
क्या होगा आगे?
अदालत द्वारा गांधी की ओर से दलील दर्ज किए जाने के बाद अब मामला अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। 29 जुलाई को अगली सुनवाई होगी, जिसमें शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए जाएंगे। बचाव पक्ष को गवाहों से जिरह करने का अवसर मिलेगा। शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर की ओर से अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने कहा कि अब दलीलों का चरण पूरा हो चुका है और मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
