Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले लोग ही देश में रह पाएंगे। इस देश में मजहब, जाति और धर्म को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं रखा जा सकता। समाचार एजेंसी एएनआई की संपादक स्मिता प्रकाश से खास बातचीत में सीएम योगी ने ज्ञानवापी विवाद, पश्चिम बंगाल हिंसा सहित कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। सीएम योगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहने पर विवाद होगा।
टीएमसी पर बोला हमला
पंचायत चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर सीएम ने कहा कि वह सवा छह साल से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। 2017 के बाद प्रदेश में दंगे की कोई घटना नहीं हुई। लोग बड़ी-बड़ी दावे करते हैं। यूपी में विधानसभा, पंचायत और फिर निकाय चुनाव हुए लेकिन यहां हिंसा नहीं हुई। ये लोग देश को पश्चिम बंगाल बनाना चाहते हैं। कुछ लोग सत्ता में आकर पूरी व्यवस्था को कैद करना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल में देखा गया कि विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को कैसे मारा गया। ये घटनाएं आंखें खोलने वाली हैं लेकिन इस पर कोई बोलता नहीं। 1990 के दशक में कश्मीर में जो कुछ हुआ उस पर ये लोग मौन हैं।
ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा-सीएम
ज्ञानवापी केस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उसे हम मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। त्रिशूल मंदिर के अंदर क्या कर रहा है? हमने तो नहीं रखे। वहां ज्योतिर्लिंग है। देव प्रतिमाएं हैं। दीवारें चिल्ला-चिल्ला कर क्या कह रही हैं? मुझे लगता है कि एक प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि एक गलती हुई है और इसका हम समाधान चाहते हैं।
'चोला बदलने से कर्मों से मुक्ति नहीं मिलेगी'
विपक्ष के गठबंधन 'INDIA' पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि इसे 'इंडिया' नहीं बोलना चाहिए। चोला बदलने से पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिल जाएगी।
मैं भक्त हूं लेकिन पाखंड नहीं मानता-सीएम
स्मिता प्रकाश ने सीएम योगी से कहा कि एक नारा चल रहा है कि भारत में रहना है तो 'वंदे भारत' करना होगा। एक नेता का कहना है कि उनका मजहब खुदा के अलावा किसी और के आगे सिर झुकाने की इजाजत नहीं देता। इस पर यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश संविधान से चलेगा। किसी धर्म और मजहब से नहीं। मैं ईश्वर का भक्त हूं लेकिन किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता। आपका धर्म और आपका मजहब आपके घर में होगा। आपकी मस्जिद तक होगा। मजहब सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए नहीं है। इसे आप किसी और पर थोप नहीं सकते हैं। अगर इस देश में किसी को रहना है तो उसे राष्ट्र को सर्वोपरि मानना होगा, अपने मत और मजहब को नहीं।
