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ब्रिक्स के भोज में चंद्रयान-3 की खूब चर्चा, PM मोदी से गर्मजोशी से मिले राष्ट्राध्यक्ष, दी बधाइयां

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  • Updated Aug 24, 2023, 09:39 AM IST

Chandrayaan 3 Mission : बुधवार रात ब्रिक्स नेताओं के भोज में चंद्रयान-3 की खूब चर्चा हुई। भोज में शामिल राष्ट्राध्यक्ष चलकर पीएम मोदी तक आए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद देशवासियों, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और वैज्ञानिक समुदाय को पीएम मोदी ने बधाई दी और कहा कि ‘भारत अब चंद्रमा पर है’।

Chandrayaan 3 Mission : चंद्रयान-3 की सफलता ने दुनिया भर में भारत की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिया है। भारत के इस चंद्र मिशन की दुनिया भर में चर्चा हो रही है और इसरो को बधाइयां मिल रही हैं। बुधवार को भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से पर सफलतापूर्वक उतरा। इस कामयाबी के साथ वह चंद्रमा के इस अबूझ हिस्से पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका में हैं। यहां ब्रिक्स के नेताओं ने चंद्रयान-3 की सफलता पर उन्हें बधाइयां दी हैं।

बुधवार रात ब्रिक्स नेताओं के भोज में चंद्रयान-3 की खूब चर्चा हुई। भोज में शामिल राष्ट्राध्यक्ष चलकर पीएम मोदी तक आए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

अब ‘चंद्र पथ’ पर चलने का समय है-पीएम मोदी

चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद देशवासियों, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और वैज्ञानिक समुदाय को पीएम मोदी ने बधाई दी और कहा कि ‘भारत अब चंद्रमा पर है’ तथा यह सफलता पूरी मानवता की है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर दक्षिण अफ्रीका से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने पृथ्वी पर एक संकल्प लिया और चंद्रमा पर इसे पूरा किया। प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जोहानिसबर्ग के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत अब चांद पर है और अब ‘चंद्र पथ’ पर चलने का समय है।’

इसरो की टीम को दी बधाई

मिशन के सफल होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ को फोन किया और उन्हें व वैज्ञानिकों की पूरी टीम को बधाई दी। इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस एलएम की साफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ।

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