सूडान में तैनात है महिला सैनिकों का दस्ता
भारत सरकार ने यूएन शांति मिशन के तहत गत जनवरी में महिला सैनिकों के एक दस्ते को सूडान भेजा। इन महिला सैनिकों की तैनाती अस्थिर एवं हिंसा ग्रस्त देश सूडान के अबेई में हुई है। साल 2007 के बाद यूएन मिशन के तहत भारतीय महिला सैनिकों की यह सबसे बड़ी तैनाती है। इस जत्थे में मेजर रैंक की दो महिला अधिकारी और अन्य रैंक की 25 महिला सैनिक शामिल हैं।इनकी तैनाती पर सेना ने अपने एक बयान में कहा कि सूडान में यह टीम यूएन झंडे के नीचे चुनौतीपूर्ण एवं विषम परिस्थितियों में महिलाओं एवं बच्चों के लिए राहत काम करेगी और उन्हें मदद पहुंचाएगी।
माता-पिता को हम पर गर्व होना चाहिए-मेजर शैली
अबेई में यूएन की अंतरिम सुरक्षा बल में तैनात मेजर शैली गहलावत ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि 'अभी मेरी तैनाती अबेई में है। इस इलाके को लेकर सूडान और दक्षिणी सूडान के बीच संघर्ष चलता है। इस तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए हमें प्रशिक्षित किया गया है। यहां के हालात के बारे में जानकर हमारे माता-पिता थोड़े परेशान होंगे लेकिन उन्हें गर्व करना चाहिए।'मेजर शैली ने कहा, 'महिला अधिकारियों के लिए एनडीए ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं और यह गर्व की बात है। सशस्त्र सेनाओं में लिंग भेद नहीं है। सेना में भर्ती के लिए मानसिक परीक्षा, चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष है। देश की सेवा करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए सेना एक सुनहरा अवसर है।'
