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महाराष्ट्र में आज एक होगा ठाकरे परिवार? मराठी-हिंदी विवाद पर 20 साल बाद एक मंच पर दिखेंगे उद्धव और राज; कांग्रेस-पवार ने बनाई दूरी

महाराष्ट्र में कभी एक दूसरे के खिलाफ खड़े होने वाले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आज एक मंच पर दिखेंगे। दोनों भाई मराठी-हिंदी विवाद पर सरकार को पहले से घेरते रहे हैं, लेकिन सालों बाद यह पहला मौका है, जब दोनों एक साथ एक मंच पर दिखेंगे।

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उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (फाइल फोटो- @SanjayRaut)

महाराष्ट्र में आज एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर होता दिख रहा है। सालों से बिखरा हुआ ठाकरे परिवार अब एक हो सकता है। आज 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मंच पर आने को तैयार है। मराठी-हिंदी विवाद पर दोनों भाई आज सालों पर बाद एक मंच पर दिखेंगे। हालांकि इस मंच से कांग्रेस और शरद पवार ने दूरी बना रखी है, जो महाराष्ट्र में उद्धव की पार्टी के साथ गठबंधन में है।

महाराष्ट्र में फिर से मराठी बनाम हिंदी

महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठी बमान हिंदी की लड़ाई शुरू हो चुकी है। राज ठाकरे की मनसे और उद्धव गुट की शिवसेना इस मामले पर उग्र रुख दिखा रही है और लोगों से मारपीट करने का भी आरोप लगा है। दरअसल राज्य की फडणवीस सरकार थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लेकर आई थी।जिसमें तीसरी भाषा के रूप में हिंदी की पढ़ाई अनिवार्य थी, इसी को लेकर विपक्ष ने विरोध किया और ठाकरे परिवार ने इसके खिलाफ रैली का ऐलान कर दिया। दोनों की रैली से पहले महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने तीसरी भाषा नीति के फैसले को वापस ले लिया है। जिसके बाद अब दोनों विजय रैली कर रहे हैं।

कांग्रेस ने बनाई दूरी

कांग्रेस ने शनिवार को अलग-थलग पड़े भाईयों उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की संयुक्त 'विजय रैली' से खुद को दूर कर लिया है। रैली में राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 5 तक मराठी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा लागू करने के दो सरकारी प्रस्तावों को वापस लेने का जश्न मनाना है। महाराष्ट्र कांग्रेस के एक बड़े वर्ग ने शनिवार की रैली में पार्टी की भागीदारी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि हालांकि पार्टी हिंदी थोपने के विरोध में है, लेकिन वह आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले गैर-मराठी वोट बैंक को परेशान नहीं करना चाहती। पार्टी ने कल उद्धव-राज ठाकरे के कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला जानबूझकर किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, "हमने हमेशा कहा है कि हम हिंदी थोपने के भाजपा सरकार के मिशन का समर्थन नहीं करते हैं। हमने किसी भी अन्य पार्टी से पहले अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। हम मराठी के साथ खड़े हैं, लेकिन हर दूसरी भाषा का सम्मान करते हैं। मुझे शनिवार के कार्यक्रम के लिए निमंत्रण मिला। मैंने अपनी यात्रा की योजना तय कर ली है, जिसे मैं बदल नहीं सकता।"

शरद पवार भी नहीं होंगे शामिल

5 जुलाई को होने वाली इस रैली को मराठी विजय रैली नाम दिया गया है। इस रैली से महाराष्ट्र के दिग्गज मराठा नेता शरद पवार दूरी बनाएंगे; वह शामिल नहीं होंगे। रैली के आयोजन स्थल पर लगाए गए पोस्टरों में उद्धव और राज ठाकरे को प्रमुखता से दिखाया गया है। माना जा रहा था कि शरद पवार इस रैली में शामिल होंगे, लेकिन वह अपने पहले से तय कार्यक्रमों की वजह से शामिल नहीं होंगे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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