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'मेरा सिर भी कलम कर दिया जाए तब भी मैं ममता...', भाजपा में शामिल होने पर बोले अभिषेक बनर्जी

Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस से सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ कथित 'मतभेद' की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूं, मैं आपको बता दूं कि अगर मेरा सिर भी कलम कर दिया जाए तब भी मैं मरते दम तक 'ममता बनर्जी जिंदाबाद' का नारा ही लगाऊंगा।

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (फोटो साभार: @abhishekaitc)

Photo : Twitter

Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस से सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ कथित 'मतभेद' की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह पार्टी के एक ''निष्ठावान सिपाही'' बने रहेंगे तथा पार्टी प्रमुख को अपना नेता मानते हैं।

यहां नेताजी इनडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक ने दावा किया कि जब भी चुनाव नजदीक आता है तो विपक्ष आदतन इस तरह की ''अफवाहें'' फैलाने का सहारा लेता है।

अभिषेक ने क्या कुछ कहा?

बैठक का उद्देश्य राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करना था। अभिषेक ने कहा, ''जो लोग कह रहे हैं कि मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूं, मैं आपको बता दूं कि अगर मेरा सिर भी कलम कर दिया जाए तब भी मैं मरते दम तक 'ममता बनर्जी जिंदाबाद' का नारा ही लगाऊंगा।''

अभिषेक का यह बयान इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि हाल में वह तृणमूल की संगठनात्मक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका से गायब रहे हैं और उनका ध्यान मुख्य रूप से सामाजिक कल्याण के कार्यों पर ही रहा है और वह भी उनके निर्वाचन क्षेत्र डायमंड हार्बर तक ही सीमित रहा है। सांसद ने कहा, ''मैं उन लोगों को जानता हूं जो ऐसी झूठी खबरें फैला रहे हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनके निहित स्वार्थ हैं।''

'अशांति पैदा करने वालों को करूंगा बेनकाब'

मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए अभिषेक ने कहा कि उन्होंने इससे पहले हुए चुनाव से पूर्व ''गद्दार के रूप में उनकी पहचान'' की थी। डायमंड हार्बर से सांसद ने कहा, ''मैंने उन्हें पहले भी बेनकाब किया था। जो भी हमारी पार्टी के अंदर अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है, मैं एक बार फिर उन्हें बेनकाब करूंगा।''

पार्टी में अनुशासन का पालन करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अभिषेक ने तृणमूल कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक क्षेत्र में अपने बयानों को लेकर सावधान रहने के लिए सचेत किया। उन्होंने कहा, ''अगर आप सोचते हैं कि आप एक सांसद या विधायक या ब्लॉक अध्यक्ष हैं और आपको सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कहने की छूट है, जो पार्टी को नीचा दिखाती हैं तथा इसकी स्थिति को कमजोर करती हैं तो आप गलत हैं। ऐसा करने वालों की पहचान पहले ही हो चुकी है। हममें से हर कोई संगठन के नियमों द्वारा निर्देशित होता है। राज्य चुनावों से पहले आपके काम में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।''

पार्टी सदस्यों से आंतरिक संघर्षों के बजाय जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए बनर्जी ने कहा, ''अपने मतभेदों को भूलकर लोगों के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करें। साजिशों में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। व्हाट्सऐप ग्रुप की राजनीति में लिप्त लोगों को पता होना चाहिए कि इस तरह के प्रयास व्यर्थ होंगे। साजिश करने वालों पर ही इसका असर पड़ेगा।''

अभिषेक ने CBI पर लगाए गंभीर आरोप

शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के नए आरोपपत्र का हवाला देते हुए पार्टी में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक ने एजेंसी पर ''अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम करने'' का आरोप लगाया।

अभिषेक ने दावा किया, ''मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि सीबीआई इतनी डरी हुई है कि वह अप्रत्यक्ष तरीके से मुझ पर उंगली उठा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ कार्रवाई के योग्य सबूत नहीं हैं। मैंने यह पांच साल पहले भी कहा था और मैं इसे फिर से कहूंगा कि अगर आप एक भी ऐसा सबूत पेश कर सकते हैं जो मुझे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से जोड़ता हो, तो आपको आरोपपत्र लिखने की जरूरत नहीं है। बस उन्हें अदालत में साबित करें और फांसी का फंदा तैयार करें। मैं खुशी-खुशी फांसी के फंदे पर लटक जाऊंगा।''

केंद्रीय एजेंसी ने शिक्षक भर्ती घोटाले पर अपने तीसरे पूरक आरोपपत्र में अभिषेक बनर्जी की पहचान स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, यह नाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे के नाम से बिलकुल मिलता-जुलता है, जिनके खिलाफ राज्य के राजनीतिक विपक्ष ने अतीत में बार-बार घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है।

उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी बिगुल बजाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से 292 सदस्यीय राज्य विधानसभा में ''मौजूदा 214 से कम से कम एक अतिरिक्त सीट'' जीतने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। अभिषेक ने दावा किया, ''भाजपा के पास ईडी-सीबीआई-आयकर की तिकड़ी है, जो उसके लिए काम करती है। लेकिन उनमें सड़कों पर लड़ने की हिम्मत नहीं है। हम भाजपा के 'चक्रव्यूह' को तोड़ देंगे। हमने पहले भी ऐसा किया है। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम इसे फिर से न कर सकें।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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