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Manipur Violence: क्या बातचीत से मणिपुर के जख्म भरेंगे? CM वाई. खेमचंद सिंह का बड़ा वादा

Manipur Violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मेइतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा के बीच विकास के लिए शांति की आवश्यकता पर जोर दिया।

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मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह

Manipur Violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि राज्य के विकास के लिए स्थायी शांति जरूरी है, क्योंकि राज्य अभी भी जातीय हिंसा से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। सिंह ने ये बातें इंफाल पूर्वी जिले के चानम सांड्रोक में एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'सरकार राज्य के सभी समुदायों के लिए राजमार्गों पर आवाजाही बहाल करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की कोशिश कर रही है।'

राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए

आपस में लड़ रहे मेइतेई और कुकी समुदायों ने मुख्य राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया था, ताकि विरोधी समुदाय उनका इस्तेमाल न कर सके। सिंह ने कहा, 'हालात सामान्य करने की सरकार की कोशिशों के बीच, ट्रोंगलाओबी में अचानक एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घट गई, जिसमें दो मासूम बच्चों की जान चली गई।' 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में एक बम हमले में, अपने घर के अंदर सोते समय एक 5 साल के लड़के और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गईं। इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

इस मामले की जांच NIA को सौंप दी गई है

मुख्यमंत्री ने कहा, 'ऐसी घटनाओं से सभी समुदायों को दुख और पीड़ा होती है। मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर, मुझे भी इस घटना पर उतना ही दुख और दर्द महसूस हुआ।' सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है और लोगों को भरोसा दिलाया कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए हैं

मई 2023 से अब तक, मणिपुर में घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी लोगों के बीच हुई जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। लगातार जारी जातीय संघर्षों और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद, 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। लगभग एक वर्ष बाद, 4 फरवरी को इसे हटा लिया गया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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