देश

कर्नाटकः BJP के लिए येदियुरप्पा आज भी अहम, चुनाव में आगे रख सकती है फेस; समझिए, क्यों रहे पहली पसंद

  • Authored by: अमित कुमार
  • Updated Mar 2, 2023, 06:19 PM IST

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की तरफ से चेहरा कौन होगा। चुनावी प्रक्रिया में बीजेपी किस चेहरे को आगे करेगी। सूत्रों के मुताबिक एक बार फिर केंद्रीय आलाकमान येदियुरप्पा के नाम और चेहरे से आगे बढ़ सकती है।

Image

कर्नाटक बीजेपी के कद्दावर चेहरे और कर्नाटक के पूर्व सीएम

दक्षिण के सूबों में कर्नाटक ही पहला राज्य था जहां कमल खिला था। कर्नाटक में कमल खिलाने में येदियुरप्पा की भूमिका अहम थी। ये बात अलग थी कि कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस ने भी सरकार बनायी। लेकिन येदियुरप्पा की रणनीति के सामने कांग्रेस-जेडीएस के कद्दावर चेहरे नाकाम हुए और एक बार फिर वो सीएम बनने में कामयाब हुए थे। हालांकि सरकार की कमाम बसव राज बोम्मई के हाथ में है। कर्नाटक में भी विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी को एक ऐसे चेहरे की तलाश है कि जिसकी स्वीकार्यता ना सिर्फ बीजेपी में हो बल्कि जनमानस में भी हो। सूत्रों के हवाले से खबर कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी जल्दी बड़ी घोषणा कर सकती हैं।

सूत्रों के हवाले से कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि इस बार भी कर्नाटक विस चुनाव की कमान येदियुरप्पा के जिम्मे रह सकती है। उन्हें चुनाव प्रचार समिति का चीफ बनाया जा सकता है। बीजेपी सूबे के इलेक्शन पीएम मोदी के चेहरे के साथ उन्हें भी आगे रखगी। ऐसे में स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि भले ही वह सीएम पद पर न रहें, मगर पार्टी उनके नाम और चेहरे को चुनाव में आगे ही रख सकती है।

येदियुरप्पा क्यों बन रहे हैं पहली पसंद

सूत्रों के हवाले से खबर कि पूरा चुनाव पीएम मोदी के चेहरे के साथ बीएस येदियुरप्पा को आगे करके चुनाव लड़ेगी। येदियुरप्पा के चेहरे के पीछे सबसे बड़ा कारण हैं पूरे कर्नाटक में वो बीजेपी के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उसके साथ वो कर्नाटक की राजनीति में लिंगायतों के सबसे बड़े नेता हैं । कर्नाटक में लिंगायत जाति के लगभग 16 प्रतिशत मतदाता हैं । जानकार बताते हैं कि अगर आप कर्नाटक बीजेपी की बात करें तो इसमें संदेह नहीं कि नेताओं की कमी नहीं है। लेकिन सच यह भी है कि येदियुरप्पा जितनी स्वीकार्यता अभी दूसरे नेताओं की नहीं है। लिहाजा केंद्रीय आलाकमान को लगता है कि अगर पार्टी को एक बार फिर सत्ता तक पहुंच बनानी है तो येदियुरप्पा की अगुवाई में ही आगे बढ़ना फायदे का सौदा होगा।
अमित कुमार
अमित कुमारauthor

20 साल का टीवी पत्रकारिता का अनुभव। झूठ , फरेब और तमाशे पर नहीं सिर्फ खबर पर नज़र। राजनीतिक खबरों पर पहली पकड़। देश की राजनीति समझनी है तो आइए मेरे साथ

और पढ़ें
End of Article