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केरल के वामपंथी गढ़ में ABVP का ऐतिहासिक कब्जा, त्रिपुणिथुरा संस्कृत कॉलेज में SFI का सूपड़ा साफ

ABVP ने कॉलेज यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत सभी 6 प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। यह कॉलेज दशकों से माकपा (CPI-M) की छात्र इकाई SFI का मजबूत गढ़ रहा है।

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केरलम के कॉलेज में ABVP की प्रचंड जीत

ABVP Kerala News: केरल की छात्र राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने त्रिपुणिथुरा गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज यूनियन चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वर्षों से स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) का अभेद्य गढ़ माने जाने वाले इस कॉलेज में ABVP ने वामपंथी दबदबे को पूरी तरह खत्म करते हुए यूनियन की सभी 6 प्रमुख सीटों पर क्लीन स्वीप किया है।

ABVP की क्लीन स्वीप जीत

ABVP ने कॉलेज यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत सभी 6 प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। यह कॉलेज दशकों से माकपा (CPI-M) की छात्र इकाई SFI का मजबूत गढ़ रहा है। इस परिणाम ने परिसर में वामपंथी राजनीति की दशकों पुरानी पकड़ को हिलाकर रख दिया है।

SFI का वर्चस्व खत्म

ABVP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस ऐतिहासिक जीत को छात्र समुदाय द्वारा SFI की नीतियों और कथित गुंडागर्दी के खिलाफ दिया गया एक स्पष्ट जनादेश बताया है। केरल के उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से वामपंथी छात्र संगठनों, विशेष रूप से SFI का वर्चस्व रहा है। संस्कृत कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ABVP की यह एकतरफा जीत राज्य के छात्र वर्ग में आ रहे बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है।

ABVP ने क्या-क्या कहा?

  • ABVP ने इस ऐतिहासिक जीत को छात्रों द्वारा SFI की छात्र विरोधी नीतियों का सीधा जवाब बताया है।
  • संगठन का कहना है कि यह परिणाम केरल के अन्य परिसरों में ABVP इकाइयों का हौसला बढ़ाएगा।
  • ABVP प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि SFI के नेतृत्व वाले यूनियन ने कॉलेज में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार पर ध्यान नहीं दिया।
  • छात्रों से वसूले गए फंड के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए गए।
  • SFI के कार्यकाल के दौरान छात्रों के लिए पर्याप्त सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित न करने का आरोप लगाया गया।

नतीजों का सियासी संदेश

यह परिणाम केवल कॉलेज चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि त्रिपुणिथुरा क्षेत्र में संघ परिवार और भाजपा के बढ़ते जनाधार का हिस्सा माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा ने त्रिपुणिथुरा नगरपालिका में 45 वर्षों से चले आ रहे वामपंथी मोर्चे (LDF) के शासन को खत्म कर निकाय बोर्ड पर अपना कब्जा जमाया था। निकाय चुनाव के बाद कॉलेज यूनियन में मिली इस जीत ने इलाके में दक्षिणपंथी राजनीति के उभार को और मजबूत कर दिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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