Sharad Pawar on His Security: महाराष्ट्र में अब सिक्योरिटी पर सियासत गरमाई हुई है, वजह क्या है ये समझना फिलहाल थोड़ा मुश्किल है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने खुद के ही सुरक्षा घेरे को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए ये कहा कि उन्हें दी गई ‘जेड प्लस’ सुरक्षा उनके बारे में ‘प्रामाणिक जानकारी’ हासिल करने का जरिया हो सकती है।
सुरक्षा बढ़ाने को लेकर पवार को नहीं कोई जानकारी
केंद्र की मोदी सरकार ने शरद पवार को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्रदान की। यह अतिविशिष्ट व्यक्ति (वीआईपी) को दी जाने वाली सर्वोच्च श्रेणी की सुरक्षा है। दिग्गज राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने के बारे में पूछने पर नवी मुंबई में पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस कदम के पीछे के मकसद की जानकारी नहीं है।
‘जेड प्लस’ सुरक्षा मिलने पर शरद पवार ने ली चुटकी
शरद पवार ने कहा, 'गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मुझे बताया कि सरकार ने तीन लोगों को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा देने का फैसला किया है और मैं उनमें से एक हूं... अन्य दो लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं।' उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इसलिए यह मेरे बारे में प्रामाणिक जानकारी हासिल करने का जरिया हो सकता है।'
वीआईपी सुरक्षा का सारा वर्गीकरण समझिए
फिलहाल ये कहना मुश्किल है कि सुरक्षा घेरे को लेकर शुरू हुई ये सियासत कितने दिनों तक चलेगी। इसी साल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी सियासी पार्टियां और दिग्गज नेताओं ने अपनी-अपनी कमर कस ली है। शरद पवार की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 55 सशस्त्र कर्मियों के एक इज को नियुक्त किया गया है। वीआईपी सुरक्षा का वर्गीकरण ‘जेड प्लस’ (सर्वोच्च) से शुरू होता है, उसके बाद ‘जेड’, ‘वाई प्लस’, ‘वाई’ और ‘एक्स’ आते हैं।
