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'राहुल गांधी सदन में क्यों नहीं हैं?', LoP की लोकसभा में गैमौजूदगी पर कार्यवाहक स्पीकर ने उठाए सवाल

Rahul Gandhi : राहुल के काफिले को रोके जाने से मार्ग के दोनों तरफ काफी लम्बा जाम लग गया और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहुल ने दिल्ली-गाजीपुर सीमा पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर संवाददाताओं से कहा, 'हम संभल जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पुलिस मना कर रही है। लोकसभा में नेता विपक्ष के नाते मेरा अधिकार बनता है कि मैं जा सकता हूं लेकिन तब भी वह मुझे रोक रहे हैं।'

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बुधवार को संभल जाना चाहते थे राहुल गांधी।

Rahul Gandhi : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को संभल जाने के लिए दिल्ली से रवाना हुए लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोक लिया। राहुल गांधी को दिल्ली-गाजीपुर सीमा से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। संभल में निषेधाज्ञा लागू है और राहुल हिंसा पीड़ितों से मिलना चाहते थे। सीमा पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच राहुल के संभल जाने को लेकर लंबी बहस हुई। जब बात नहीं बनी तो राहुल करीब दो घंटे बाद दिल्ली लौट आए। इस बीच, लोकसभा में जब सदन की कार्यवाही चल रही थी तो कार्यवाहक स्पीकर जगदंबिका पाल ने विपक्ष के नेता की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।

'विपक्ष के नेता बाहर क्या कर रहे हैं?'

उन्होंने पूछा कि सदन में राहुल गांधी उपस्थित क्यों नहीं हैं? सीमा पर रोके जाने का मामला जब कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने उठाया तो जगदंबिका पाल जो कि उस समय चेयरमैन की कुर्सी पर थे, उन्होंने पूछा कि 'सदन चल रहा है, ऐसे में सदन के विपक्ष के नेता बाहर क्या कर रहे हैं? उन्हें सदन में होना चाहिए था।' संभल जाने की इजाजत नहीं मिलने पर राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पुलिस को आगे कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह (भाजपा) सच्चाई और भाईचारे के संदेश को क्यों दबा रही है?

राहुल के काफिल से लगा लंबा जाम

राहुल के काफिले को रोके जाने से मार्ग के दोनों तरफ काफी लम्बा जाम लग गया और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहुल ने दिल्ली-गाजीपुर सीमा पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर संवाददाताओं से कहा, 'हम संभल जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पुलिस मना कर रही है। लोकसभा में नेता विपक्ष के नाते मेरा अधिकार बनता है कि मैं जा सकता हूं लेकिन तब भी वह मुझे रोक रहे हैं। यह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के मेरे अधिकार के खिलाफ है।' उन्होंने कहा, 'मैंने कहा है कि मैं अकेला जाने को तैयार हूं, पुलिस के साथ जाने को तैयार हूं लेकिन उन्होंने वह भी बात नहीं मानी और अब कह रहे हैं कि कुछ दिन बाद वह हमें जाने देंगे।'

संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया-राहुल

राहुल ने संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा, 'यह (संभल जाने से रोका जाना) लोकतंत्र के खिलाफ है। हम संभल जाकर देखना चाहते हैं कि वहां क्या हुआ। हम लोगों से मिलना चाहते हैं लेकिन मेरा जो संवैधानिक अधिकार है, मुझे उससे वंचित किया जा रहा है। यह संविधान को खत्म करने वाला हिंदुस्तान है। अंबेडकर जी के संविधान को खत्म करने वाला हिंदुस्तान है। लेकिन हम लड़ते रहेंगे।' राहुल ने ‘एक्स’ पर कहा, 'पुलिस ने हमें संभल जाने से रोक दिया। विपक्ष का नेता होने के नाते यह मेरा अधिकार और कर्तव्य है कि मैं वहां जाऊं। फिर भी मुझे रोका गया। मैं अकेला जाने को भी तैयार हूं लेकिन वे इसके लिए भी नहीं माने। यह संविधान के खिलाफ है।'

10 दिसंबर तक लागू है निषेधाज्ञा

राहुल के साथ मौके पर मौजूद उनकी बहन और सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी राहुल को रोके जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए संवाददाताओं से कहा, 'संभल में जो हुआ, वह गलत है। राहुल नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके संवैधानिक विशेषाधिकार हैं, जो बाकी लोगों से अलग हैं। उनको रोका नहीं जा सकता।' उन्होंने कहा, 'राहुल जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में संवैधानिक अधिकार मिले हैं। उन्हें पीड़ितों से मिलने जाने दिया जाए।' वहीं गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि संभल में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (निषेधाज्ञा) 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही संभल में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक शनिवार को खत्म हो रही थी, जिसे जिलाधिकारी ने बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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