एशिया कप 2023 में पाकिस्तान के साथ हुए भारत के मुकाबले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी बुरी तरह बिफरे हैं। उन्होंने इस बाबत सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को घेरने का प्रयास किया है। साथ ही कहा है कि जम्मू और कश्मीर में फिलहाल भारत के सिपाहियों की जानों के साथ खेल खेला जा रहा है। पहले आप इस गेम को खत्म करिए, उसके बाद भारत और पाक का क्रिकेट मैच कराइएगा। आखिरकार पीएम पुलवामा वाली घटना के बाद इतने ठंडे क्यों पड़ गए हैं?
शनिवार (16 सितंबर, 2023) को तेलंगाना के हैदराबाद में समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान ओवैसी ने बताया- वे लोग हमारे फौजियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। राजौरी में बुलेट्स (गोलियों) के साथ क्रिकेट मैच खेला गया और हमारे लोग मारे जा रहे हैं। सबसे पहले तो क्रिकेट मैच से पहले इस खेल को रुकना चाहिए...मेसा सिर्फ यही सवाल है कि प्रधानमंत्री पुलवामा हमले के बाद से ठंडे क्यों पड़ गए हैं?
इस बीच, कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने घाटी में आतंकवाद के फिर से पनपने का जिक्र किया। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने बुधवार को कोकेरनाग में आतंकी मुठभेड़ को लेकर कहा था, "हम स्पष्ट शब्दों में इसकी निंदा करते हैं। यह बहुत दुखद घटना है। स्थिति यह है कि आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है, जैसा कि भारत सरकार या उपराज्यपाल प्रशासन दावा करता है।"
वह आगे बोले- मेरा मानना है कि उन्हें आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए एक व्यापक नीति बनानी चाहिए ताकि लोग उस संकटपूर्ण जीवन से बाहर आ सकें जिसे वे पिछले 35 वर्षों से जी रहे हैं। राजौरी में भी एक घटना हुई थी, उरी में भी गोलीबारी हुई। इसलिए मुझे लगता है कि आतंकवाद फिर से पनप रहा है और सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।’’
यही नहीं, एक रोज पहले जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद के मसले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) ने भी केंद्र को घेरा था। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात सही नहीं हैं, लेकिन मोदी सरकार जी20 की सफलता से अभिभूत है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की लीडरशिप वाली पार्टी के मुताबिक, ‘‘भाजपा सरकार को अनुच्छेद 370 को हटाकर और लद्दाख को अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाकर क्या मिला? यह सरकार कश्मीरी पंडितों की रक्षा नहीं कर सकती और जवानों के बलिदान व घुसपैठ नहीं रोक सकती है। यह विफलता है।’’
