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MP कांग्रेस में 2024 से पहले बड़ा बदलाव, पर जीतू पटवारी को ही कमान क्यों? समझिए, बड़ी वजहें

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 17, 2023, 07:50 AM IST

Who is Jitu Patwari: मूल रूप से म.प्र के इंदौर के रहने वाले पटवारी कांग्रेस के तेज-तर्रार युवा नेता हैं। वह इस बार के विधानसभा चुनाव में राऊ विधानसभा क्षेत्र से हार गए थे। हालांकि, फिर भी पार्टी ने मध्य प्रदेश में उन पर विश्वास जताया है।

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म.प्र कांग्रेस के नए अध्यक्ष जीतू पटवारी। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Who is Jitu Patwari: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में शनिवार (16 दिसंबर, 2023) को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जगह पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को राज्य इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। उन्होंने शनिवार रात अपने गृह नगर इंदौर में मीडिया से कहा, ‘‘मुझ जैसे छोटे-से कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर मैं कांग्रेस आलाकमान को धन्यवाद देता हूं। हालिया विधानसभा चुनावों में हमारी पराजय हुई है और आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन की चुनौती का मुझे अहसास है। हम सामूहिक नेतृत्व के आधार पर इस चुनौती का सामना करेंगे और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर ले जाकर सकारात्मक नतीजे देंगे।’’

मूल रूप से म.प्र के इंदौर के रहने वाले पटवारी कांग्रेस के तेज-तर्रार युवा नेता हैं। वह इस बार के विधानसभा चुनाव में राऊ विधानसभा क्षेत्र से हार गए थे। हालांकि, फिर भी पार्टी ने मध्य प्रदेश में उन पर विश्वास जताया है। कांग्रेस ने सूबे में इन नियुक्तियों के जरिए कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से इतर नया नेतृत्व खड़ा करने का संकेत दिया है।

वैसे, वह दिसंबर 2018 से मार्च 2020 के बीच कमलनाथ सरकार में मंत्री (उच्च शिक्षा, खेल और युवा मामलों के) थे। जीतू न सिर्फ ओबीसी समुदाय से नाता रखने वाले युवा नेता है बल्कि वह किसान कम्युनिटी से भी हैं। उनका ताल्लुक उसी मालवा निमाण क्षेत्र से है, जहां से बीजेपी के नए सीएम मोहन यादव आते हैं। यह 66 सीटों वाला "बेलवेदर क्षेत्र" माना जाता है।

सियासी गलियारों में पटवारी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नजदीकी और भरोसेमंद माने जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में अहम भूमिका निभाई थी। चूंकि, वह युवा हैं लिहाजा उनकी पॉपुलैरिटी नई पीढ़ी के बीच अधिक है। यही नहीं, वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वर्ग से हैं, जिससे कांग्रेस को सूबे का बड़ा वोटबैंक साधने में मदद मिलेगी।

दरअसल, मप्र की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 48 फीसदी है और 2003 के बाद से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस समुदाय से चार मुख्यमंत्री हुए हैं। उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा समय में मोहन यादव, जिन्होंने 13 दिसंबर को शपथ ली है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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