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आखिर क्यों CJI डीवाई चंद्रचूड़ के बेटे वकील होते हुए भी नहीं आते थे सुप्रीम कोर्ट, खुद चीफ जस्टिस ने बताया

विदाई समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने अपने बेटों अभिनव और चिंतन चंद्रचूड़ के बारे में एक निजी कहानी साझा की, जो बॉम्बे हाई कोर्ट में वकील हैं।

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चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

Photo : PTI

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवीआई चंद्रचूड़ ने अपने रिटायर होने से पहले अपने विदाई भाषण में अपने बेटों को लेकर जो बात कही है, वो हर किसी के दिल को छूने वाली है। जस्टिस चंद्रचूड़ के दो बेटे हैं और दोनों वकील हैं, लेकिन दोनों ने कभी भी अपने पिता के कार्यकाल के दौरान अपने मामलों की पैरवी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रूख नहीं किया।

क्यों सीजेआई चंद्रचूड़ के बेटे नहीं आते थे सुप्रीम कोर्ट

बेटों के सुप्रीम कोर्ट नहीं आने का कारण बताते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि उनके बच्चे सुप्रीम कोर्ट इसलिए नहीं आए, क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि वो पिता के सामने बहस करें और उनका नाम खराब करें। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने अपने बेटों अभिनव और चिंतन चंद्रचूड़ के बारे में एक निजी कहानी साझा की, जो बॉम्बे हाई कोर्ट में वकील हैं। उन्होंने बताया कि वह अक्सर उनसे दिल्ली आने और सुप्रीम कोर्ट में मामलों पर बहस करने का आग्रह करते हैं ताकि वह उनसे अधिक बार मिल सकें। हालांकि, दोनों बेटों ने मना कर दिया है, यह बताते हुए कि वे सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में काम करते हुए वहां प्रैक्टिस करके उनकी या अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।

बेटियों के बारे में क्या कहा सीजेआई ने

अपनी बेटियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारी छोटी प्रियंका और माही (दो दत्तक पुत्रियां जो दिव्यांग हैं) जिन्होंने मुझे सिखाया है कि जीवन में अखबारों और हमारे ब्रीफ के पन्नों में जो हम पढ़ते हैं, उससे कहीं ज़्यादा है। उन्होंने वास्तव में इस बात पर प्रकाश डाला है कि दिव्यांगता का वास्तव में क्या मतलब है और कोई व्यक्ति किस तरह से एक अलग जीवन जीने की आकांक्षा रख सकता है।

आज रिटायरमेंट

देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर दो साल के कार्यकाल के बाद, सीजेआई चंद्रचूड़ 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्हें पहली बार 29 मार्च 2000 को बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 31 अक्टूबर 2013 से 13 मई 2016 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने तक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, नई दिल्ली से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ बीए पास किया और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। जून 1998 में उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। उन्होंने 1998 से 2000 तक भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी कार्य किया। सीजेआई चंद्रचूड़ ने पिछले महीने अपने उत्तराधिकारी के रूप में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के नाम की सिफारिश की थी जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति खन्ना 11 नवंबर देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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