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दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर हुए हादसे का जिम्मेदार कौन, क्या कंस्ट्रक्शन के मटेरियल से किया गया समझौता ?

Delhi Airport Roof Collapse: दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए।

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दिल्ली एयरपोर्ट हादसा

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा गिर गया
  • जिसके बाद विमानों का संचालन अगले नोटिस तक स्थगित कर दिया गया है
  • छत और उसे सहारा देने के लिए लगाए गए खंभे भी गिर गए

Delhi Airport Roof Collapse: राजधानी दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के डिपार्चर छत का एक बड़ा हिस्सा गिरने से हड़कप मच गया। दरअसल आज सुबह करीब साढ़े 5 बजे के आसपास फायर विभाग को जानकारी मिली थी कि आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर छत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया है, मामले की जानकारी मिलने के बाद फायर विभाग की 4 गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। मौके पर पहुंची फायर विभाग की टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसी के लोगो ने मिलकर करीब 8 लोगों को रेस्क्यू करवाया और नजदीकी अस्पताल में भेज दिया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई है, जब बाकी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब सवाल ये है कि इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? क्या कंस्ट्रक्शन के मटेरियल से किया गया समझौता ? या फिर रखरखाव करने वाली कम्पनी ने की लापरवाही ? या फिर बारिश ही थी हादसे की असल ज़िम्मेदार?

भयावह था दिल्ली एयरपोर्ट हादसा

हादसे इतना भयावह था कि जिसे देखकर लोग काफी घबरा गए। चश्दीदो के मुताबिक इतनी तेज आवाज हुई जैसे कि मानो बादल फट गया हो या फिर बिजली गिर गई हो और जब देखा तो उनके होश उड़ गए। छत गिरी हुई थी। पैसेंजर गाड़ियों से उतर रहे थे। कुछ गाड़ियां मलबे के नीचे दब गई थी तो वही कुछ लोग घायल अवस्था में थे। हादसे की वजह से एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने आए लोग काफी परेशान नजर आए, उनका कहना था कि एयरलाइंस की तरफ से इस हादसे के बारे में नहीं बताया गया, आगे क्या किया जाएगा इसकी भी जानकारी नहीं दी गई।

मुआवजे का ऐलान

हादसे की जानकारी मिलने के बाद सिविल एविएशन मिनिस्टर के राम मोहन नायडू ने मौके का जायजा लिया और बताया कि छत का जो हिस्सा गिरा है वो साल 2009 में बनाया गया था। आज सुबह करीब 5 बजे के आसपास से हादसा हुआ। हादसे की जानकारी मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया था। इस हादसे में मरने वाले शख्स के परिजनों को 20 लाख का मुआवजा और घायलों को 3 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। इस तरह का हादसा दुबारा ना हो इसके लिए टर्मिनल 1 की बिल्डिंग का इंस्पेक्शन करवाया जायेगा। इसके साथ ही जिन लोगों की फ्लाइट कैंसिल हुई है, उन्हें पूरा रिफंड दिया जाएगा या फिर अल्टरनेट फ्लाइट से भेजा जाएगा। T 1 की फ्लाइट को टर्मिनल 2 और टर्मिनल 3 पर डायवर्ट कर दिया गया है और कल तक टर्मिनल 1 को चालू करने को पूरी उम्मीद है। डीजीसीए इस हादसे की जांच करेगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जो भी कमियां पाई जाएगी उसके आधार पर आगे की कारवाई की जाएगी। सभी टर्मिनल 2 और 3 के साथ साथ, सभी एयरपोर्ट की जांच भी की जाएगी।

सवालों के घेरे में GMR

जो हिस्सा गिरा है वो 2009 में बनाया गया था। इसे बनाने की ज़िम्मेदारी GMR को दिया गया, जिसे GMR ने एक प्राइवेट कंपनी को सबलेट कर दिया गया था। हालांकि इसको बनाने में कितना खर्च आया था, ये अभी साफ नही हो पया है क्योंकि जो कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था वो पूरे एयरपोर्ट का था।इतना ही नहीं इनकी देखभाल और रखरखाव का ज़िम्मा GMR के पास था। जिसका सलाना खर्च भी भारी भरकम होता है। शुरुआती जांच में लग रहा है कि बारिश की वजह से गिरा है लेकिन असल वजह जांच के बाद पता चलेगी। जीएमआर इस एयरपोर्ट को ऑपरेट करता है और समय समय ऑडिट भी होता रहता है।

हादसे की शुरुआती वजह

बहरहाल शुरुआती जांच में इस हादसे की वजह बारिश मानी जा रही है, हालांकि ये हादसा क्यों और कैसे हुआ? इसकी असल वजह क्या है जांच के बाद ही पता लग पाएगी। लेकिन गनीमत ये रही कि ये हादसा उस वक्त हुआ जब एयरपोर्ट पर कम लोग मौजूद थे। अगर ये हादसा दिन में होता तो ना जाने क्या तस्वीर होती? ऐसे सवाल उठना लाजमी है कि इस हादसे की असल वजह क्या है और कौन इस हादसे का जिम्मेदार है।

Reported By- अनुज मिश्रा/प्रेरित कुमार

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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