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कौन हैं कैलाश मकवाना? जो बनाए गए मध्य प्रदेश के नए डीजीपी

Who is Kailash Makwana: मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक के नाम का फैसला हो चुका है। कैलाश मकवाना को एमपी का अगला डीजीपी नियुक्त किया जाएगा। गृह विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। आपको बताते हैं कि आखिर कैलाश मकवाना कौन हैं और उनका अब तक का कार्यकाल कैसा रहा।

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IPS कैलाश मकवाना को जानिए

Kailash Makwana appointed as the new DGP of Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना होंगे। उनकी पदस्थापना का आदेश शनिवार की देर रात को जारी किया गया। मकवाना 30 नवंबर को सेवानिवृत हो रहे डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना का स्थान लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार से दो देशों की यात्रा पर जा रहे हैं और उससे पहले राज्य के नए डीजीपी का फैसला हो गया है। वर्ष 1988 बैच के आईपीएस मकवाना वर्तमान में पुलिस हाउसिंग के अध्यक्ष है।

मध्य प्रदेश के नए डीजीपी बनाए गए कैलाश मकवाना

शनिवार की देर रात को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव एस एन मिश्रा ने मकवाना को डीजीपी बनाए जाने का आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया है कि 21 नवंबर को संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति की बैठक में मकवाना का चयन किया गया। राज्य में डीजीपी के लिए तीन नाम प्रमुखता से लिए जा रहे थे जिनमें हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मकवाना के अलावा ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और होमगार्ड के डीजी अरविंद कुमार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। आखिरकार मकवाना को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

कौन हैं कैलाश मकवाना, जानें उनसे जुड़ी अहम बातें

कैलान मकवाना साल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में पुलिस हाउसिंग के अध्यक्ष है। उनका कार्यकाल 30 नवंबर 2026 तक रहेगा। कैलाश मकवाना मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के निवासी हैं और उन्होंने बीई और आईआईटी से एमटेक किया है। वे लोकायुक्त के स्पेशल डीजी के अलावा सीआईडी के स्पेशल डीजी, एडीजी नारकोटिक्स, एडीजी एडमिन, एडीजी गुप्त वार्ता और एडीजी प्रबंध के पद पर रह चुके हैं।

30 नवंबर को सेवानिवृत हो जाएंगे सुधीर कुमार सक्सेना

संभावना जताई जा रही है कि 30 नवंबर को सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत हो जाएंगे और मकवाना एक दिसंबर को अपना कार्यभार संभाल लेंगे। शनिवार की रात को नए डीजीपी का आदेश जारी होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मकवाना से कुछ देर चर्चा की और उसके बाद पदस्थापना का आदेश जारी किया गया।

मुख्यमंत्री यादव छह दिवसीय विदेश यात्रा पर रविवार को रवाना हो रहे हैं और इस यात्रा के दौरान ही डीजीपी सक्सेना सेवानिवृत होने वाले थे लिहाजा यात्रा से पहले नए डीजीपी के नाम का फैसला जरूरी था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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