Tamil Nadu Assembly Election: तमिलनाडु में सरकार गठन की कवायद तेज हो चुकी है। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय शुक्रवार को एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके को 108 सीटों पर कामयाबी मिली, लेकिन विजय की पार्टी बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा पाई। हालांकि, सत्ता के सियासी खेल में ताजा-ताजा दाखिल हुए विजय ने अन्य दलों से समर्थन मांगा।
विजय के पास बहुमत ने होने की स्थिति पर भाजपा नेता और तमिल अभिनेत्री कस्तूरी शंकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कस्तूरी शंकर ने विजय को जीत की बधाई दी, लेकिन उन्होंने इसे कुशासन के खिलाफ वोट करार दिया।
कस्तूरी शंकर ने विजय पर कसा तंज
कस्तूरी शंकर ने कहा कि विजय और टीवीके को तमिलनाडु की जनता से मिले जनादेश के लिए बधाई। कस्तूरी शंकर ने कहा कि यह जनादेश सिर्फ विजय के पक्ष में नहीं, बल्कि 'कुशासन के खिलाफ जनता की नाराजगी' का भी प्रतीक है। मुझे लगता है कि राज्यपाल कानून और संविधान के सबसे सुरक्षित प्रावधानों के तहत आगे बढ़ रहे हैं। तमिलनाडु में कोई भी दोबारा चुनाव नहीं चाहता, इसमें DMK, AIADMK और कांग्रेस समेत सभी हारने वाले दल शामिल हैं।
दरअसल, तमिलनाडु के राज्यपाल ने गुरुवार को विजय को चेन्नई स्थित लोक भवन बुलाया था। आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का समर्थन अभी तक साबित नहीं हुआ है।
विजय ने दिया अनोखा जवाब
विजय ने भले ही कस्तूरी शंकर को परोक्ष जवाब न दिया हो, लेकिन उन तमाम विरोधियों को उन्होंने सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा हासिल कर चुप करा दिया, जो उनकी काबिलियत पर सवाल खड़ा कर रहे थे। विजय ने विधानसभा चुनाव नतीजे सामने आने के बाद इस सप्ताह राज्यपाल के साथ दो बार मुलाकात की, लेकिन उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि, जादुई आंकड़ा जुटाकर एक बार फिर विजय राज्यपाल से मिलने वाले हैं।
कौन हैं कस्तूरी शंकर?
कस्तूरी शंकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना माना नाम हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में तमिल फिल्म 'आथी भागवन' से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाईं। हालांकि, कस्तूरी अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर चर्चाओं में बनी रहती हैं।
