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जानें कौन हैं अंगकिता दत्ता, जिनको IYC प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी पर आरोप लगाना पड़ा भारी, Congress ने निकाला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 22, 2023, 01:57 PM IST

Congress expels Assam Youth Congress President Angkita Dutta: असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने आईवाईसी प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

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अंगकिता दत्ता कांग्रेस से निष्कासित। (क्रेडिट- @angkitadutta)

Photo : Twitter

Congress expels Assam Youth Congress President Angkita Dutta: भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगाने वाली अंगकिता दत्ता को कांग्रेस पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अंगकिता दत्ता को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। उन्होंने हाल ही में श्रीनिवास बीवी और आईवाईसी सचिव वर्धन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि दोनों बीते छह महीनें से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से एक्शन के बाद अंगकिता दत्ता ने अपने ट्वविटर प्रोफाइल के बायो को भी बदल दिया है। उन्होंने खुद को 'प्रताड़ित महिला अध्यक्ष' लिखा है। बता दें, बीते दिनों अंगकिता दत्ता ने ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से न्याय की गुहार भी लगाई थी। आइए जानते हैं उनके बारे में...

क्या है पूरा मामला

बीते दिनों एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में अंगकिता दत्ता ने कहा था कि बीते छह महीने से श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि दोनों गलत तरीके से उनसे बात कर रहे हैं और पार्टी विरोधी गतिविधियों का उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया था कि रायपुर अधिवेशन के दौरान श्रीनिवास बीवी ने उनसे 'ए लड़की' करके बात की थी। इस दौरान उन्होंने उन पर वोदका पीने का भी आरोप लगाया था।

कौन हैं अंगकिता दत्ता

अंगकिता दत्ता कांग्रेस से निकाले जाने से पहले तक असम यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष थीं। उनकी ट्विटर प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। इसके अलावा वह The Anjan Dutta Foundation की Managing Trustee भी हैं। अंगकिता दत्ता अपनी दो बहनों और मां के साथ रहती हैं।

पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा परिवार

अंगकिता दत्ता ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह कांग्रेस पार्टी की समर्थक हैं और उसकी विचारधाराओं को मानती हैं। उन्होंने बताया था कि उनका परिवार पीढ़ियों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है। कई बार उन्हें ईडी व सीबीआई का डर दिखाया गया, लेकिन वह कांग्रेस से जुड़ी रहीं। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह बीते छह महीने से अपने ऊपर हो रहे उत्पीड़न की शिकायत पार्टी आलाकमान से कर रही हैं, लेकिन अभी तक न जांच कमेटी बनाई गई और न ही श्रीनिवास बीवी और वर्धन यादव के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया। अब उल्टा उन्हें ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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