S Jaishankar News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान उनके साथ गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अब तक के भारतीय पीएम की तीन बेंचमार्क अमेरिकी यात्राओं के बारे में बताया है। विदेश मंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के बारे में कहा कि ये तीन यात्राएं-1985 में पीएम राजीव गांधी, 2009 में पीएम मनमोहन सिंह और 2014 की पीएम नरेंद्र मोदी की हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों को नया आकार देने में ये तीनों यात्राएं काफी अहम रही हैं।
'पीएम मोदी का हालिया यूएस दौरा अलग स्तर का'
जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी की 21 जून से 24 जून तक की अमेरिकी राजकीय यात्रा का अलग स्तर रहा है। इसकी तुलान इन तीन यात्राओं से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 1985, 2009 और 2014 इन तीनों मौकों पर वह व्यक्तिगत रूप से वाशिंगटन में मौजूद थे। उन्होंने इस दौर में भारत और अमेरिकी रिश्तों को करीब से देखा। जयशंकर ने 1985 की राजीव गांधी की यात्रा की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौर में दोनों देशों के संबंध अच्छे नहीं थे लेकिन राजीव गांधी ने दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की।
दूसरा अहम दौरा 2009 में मनमोहन सिंह का
दूसरी अहम यात्रा के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ न्यूक्लियर करार होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यूएस के राजकीय दौरे पर गए। यह किसी भारतीय पीएम का पहला राजकीय दौरा था। मनमोहन सिंह की इस यात्रा के बाद भारत और अमेरिकी के संबंधों में एक नई ऊर्जा आई। इसके बाद अहम दौरा साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी का था। मैडिसन स्क्वॉयर में पीएम मोदी की लोकप्रियता की चर्चा आज भी अमेरिकी करते हैं।
पीएम मोदी ने दूसरी बार यूएस कांग्रेस को संबोधित किया
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध अब एक अलग ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी अमेरिकी कांग्रेस को संयुक्त रूप से संबोधित करने वाले भारत के पहले पीएम हैं। यूएस कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करने का मौका अब तक दुनिया के चुनिंदा लोगों को मिला है। केवल चार ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन्हें अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करने का मौका मिला है। इनमें से दो इजरायली पीएम हैं। इसके बाद नेल्सन मंडेला और विंस्टन चर्चिल ने संयुक्त बैठक को संबोधित किया है।
तीन दिन पीएम मोदी के साथ रहे राष्ट्रपति बाइडेन
जयशंकर ने कहा कि वाशिंगटन में हम तीन दिन रहे। इस तीन दिन अमेरिकी राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ नजर आए। पहले दिन वह निजी डिनर में साथ रहे। दूसरे दिन व्हाइट हाउस के कार्यक्रम एवं डिनर में साथ दिखे। तीसरे दिन वह वार्ता के लिए साथ आए। यहां तक कि अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन ने अलग से प्रधानमंत्री मोदी से बात की। भारत के साथ व्यापार करने में पहले अमेरिका इतनी गंभीरता पहले नहीं दिखाता था। इस बार टिम कुक, सत्य नाडेला, एलन मस्क,सुंदर पिचाई सहित अमेरिकी की टॉप कंपनियों के सीईओ कारोबार के लिए गंभीरता दिखाई। अगले कुछ महीनों में ये कंपनियां भारत में अपना दफ्तर और कारखाने खोलने लगेंगी।
जेट तकनीक न्यूक्लियर तकनीक से कम नहीं
विदेश मंत्री ने कहा कि जेट इंजन एक दर्लभ तकनीक है। यह तकनीक न्यूक्लियर तकनीक से कम नहीं है। देश इस तकनीक को साझा नहीं करते हैं लेकिन भारत-अमेरिका का विश्वास एवं समझ अब इस स्तर तक पहुंच गया है कि यूएस इसे साझा करने के लिए तैयार हो गया।
