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मंत्री गण भी नहीं आते, ये शर्म की बात है- जब रवनीत सिंह बिट्टू रहे राज्यसभा से गायब तो खड़गे ने जेपी नड्डा को लिया घेर, जानिए पूरा मामला

राज्यसभा की कार्यवाही आरंभ होने पर उपसभापति हरिवंश आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवा रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता और प्रबंधन संस्थान की परिषद के लिए निर्वाचन का प्रस्ताव पेश करने के लिए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम पुकारा। लेकिन वह सदन में उपस्थित नहीं थे।

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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (फोटो- संसद टीवी)

राज्यसभा में मंगलवार को सत्ता पक्ष के सामने तब असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सदन में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम उप सभापति पुकारते रहे, लेकिन वो राज्यसभा में थे ही नहीं। जिसके बाद कांग्रेस ने बीजेपी को घेर लिया और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपी नड्डा को कल के नसीहत के लिए घर लिया।

कांग्रेस ने बताई कहानी

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो अपने एक्स एकाउंट पर शेयर किया है। कांग्रेस ने लिखा- "राज्य सभा की कार्यवाही शुरू हो गई, लेकिन मोदी सरकार के मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सदन में मौजूद नहीं थे। राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश जी पुकारते रहे.. माननीय मंत्री जी, माननीय मंत्री जी... लेकिन कोई जवाब नहीं आया। तब सदन में मौजूद सांसद बोले- 'मंत्री जी, हैं ही नहीं।'

फिर खड़गे ने जेपी नड्डा को लिया घेर

मंत्री के गायब रहने के बाद बाद कांग्रेस अध्यक्ष व राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नड्डा को घेर लिया और कल की नसीहत को याद दिलाते हुए खड़गे ने कहा- जेपी नड्डा जी कल कह रहे थे कि विपक्ष के सारे नेताओं को 'Rules of procedure' की ट्रेनिंग देनी चाहिए। इसलिए मैं उनसे पूछना चाहता हूं- आप ट्रेनिंग क्यों नहीं लेते हैं? आपके लोग सदन में समय से क्यों नहीं आते हैं? मंत्री गण भी नहीं आते... ये शर्म की बात है।"

क्या बोले थे नड्डा

बता दें कि विपक्ष दलों ने मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और लोकसभा सीटों के परिसीमन के मुद्दे पर सोमवार को राज्यसभा में हंगामा किया था और आसन की ओर से इन मुद्दों पर कार्यस्थगन नियम के तहत चर्चा कराए जाने की मांग खारिज किए जाने के बाद उच्च सदन से बहिर्गमन किया था। इसी पर नड्डा ने विपक्षी सदस्यों के इस व्यवहार की निंदा की थी और आसन से आग्रह किया कि वह नेता प्रतिपक्ष सहित सभी सदस्यों को ‘रिफ्रेशर’ कोर्स करवाएं। उन्होंने कहा था- ‘‘हम चर्चा के लिए तैयार हैं। इसमें अल्पकालिक चर्चाओं का प्रावधान है और दीर्घावधिक चर्चाओं का भी प्रावधान है। वे (विपक्ष) नियमों को नहीं पढ़ते हैं। उन्हें (विपक्षी सांसदों) रिफ्रेशर कोर्स करना चाहिए। उन्हें (सदन के) नियम-कायदों को समझना चाहिए। सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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