झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में आज पूछताछ करने वाली थी। सोरेने से दिल्ली के उनके आवास पर पूछताछ होनी थी, लेकिन हेमंत सोरेन, यहां पहुंचे ही नहीं। ईडी की टीम कई घंटे उनके आवास पर बैठी रही। झारखंड से लेकर दिल्ली तक उनकी तलाश हुई लेकिन ईडी के अधिकारियों को वो नहीं मिले। जिसके बाद अब ईडी के अधिकारी सोरेन के आवास से निकल गए हैं।
कार के साथ ड्राइवर भी
मिली जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी को भले ही झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन नहीं मिले, लेकिन कुछ कागजात जरूर उनके हाथ लगे हैं। ईडी की टीम जब सोरेन के घर से निकली तो उन्होंने सोरेन की बीएमडब्लू कार और ड्राइवर को भी साथ लेती गई है।
सोरेन ने भेजा ईमेल
रांची से दिल्ली के लिए 27 जनवरी की रात को रवाना हुए सोरेन ने ईडी को एक ईमेल भेजा है जिसमें उन्होंने ईडी जांचकर्ताओं द्वारा 31 जनवरी को दोपहर एक बजे उनके रांची स्थित आवास पर नए दौर की पूछताछ के लिए सहमति व्यक्त की है। सोरेन को ईडी की ओर से समन जारी किए जाने और दिल्ली स्थित आवास पर एजेंसी के अधिकारियों के दस्तक देने के बाद उनके ठिकाने को लेकर जारी अटकलों के बीच परिवार के एक सदस्य ने इस पूरे घटनाक्रम को सोरेन को बदनाम करने की नियोजित साजिश करार दिया।
क्या है सोरेन पर आरोप
ईडी ने कहा कि यह जांच झारखंड में माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व में अवैध परिवर्तन से जुड़े एक बड़े गिरोह से संबंधित है। हेमंत सोरेन से इसी मामले में पूछताछ हो रही है। रांची की एक जमीन को लेकर सोरेन फंसे हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं। वह राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
