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दिल्ली आवास पर नहीं मिले सोरेन तो ड्राइवर समेत उनकी BMW कार उठा ले गई ईडी की टीम, जानिए क्या है पूरा मामला

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 29, 2024, 11:41 PM IST

मिली जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी को भले ही झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन नहीं मिले, लेकिन कुछ कागजात जरूर उनके हाथ लगे हैं। ईडी की टीम जब सोरेन के घर से निकली तो उन्होंने सोरेन की बीएमडब्लू कार और ड्राइवर को भी साथ लेती गई है।

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हेमंत सोरेन की कार को ले जाते हुए ईडी के अधिकारी

Photo : ANI

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में आज पूछताछ करने वाली थी। सोरेने से दिल्ली के उनके आवास पर पूछताछ होनी थी, लेकिन हेमंत सोरेन, यहां पहुंचे ही नहीं। ईडी की टीम कई घंटे उनके आवास पर बैठी रही। झारखंड से लेकर दिल्ली तक उनकी तलाश हुई लेकिन ईडी के अधिकारियों को वो नहीं मिले। जिसके बाद अब ईडी के अधिकारी सोरेन के आवास से निकल गए हैं।

कार के साथ ड्राइवर भी

मिली जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी को भले ही झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन नहीं मिले, लेकिन कुछ कागजात जरूर उनके हाथ लगे हैं। ईडी की टीम जब सोरेन के घर से निकली तो उन्होंने सोरेन की बीएमडब्लू कार और ड्राइवर को भी साथ लेती गई है।

सोरेन ने भेजा ईमेल

रांची से दिल्ली के लिए 27 जनवरी की रात को रवाना हुए सोरेन ने ईडी को एक ईमेल भेजा है जिसमें उन्होंने ईडी जांचकर्ताओं द्वारा 31 जनवरी को दोपहर एक बजे उनके रांची स्थित आवास पर नए दौर की पूछताछ के लिए सहमति व्यक्त की है। सोरेन को ईडी की ओर से समन जारी किए जाने और दिल्ली स्थित आवास पर एजेंसी के अधिकारियों के दस्तक देने के बाद उनके ठिकाने को लेकर जारी अटकलों के बीच परिवार के एक सदस्य ने इस पूरे घटनाक्रम को सोरेन को बदनाम करने की नियोजित साजिश करार दिया।

क्या है सोरेन पर आरोप

ईडी ने कहा कि यह जांच झारखंड में माफिया द्वारा भूमि के स्वामित्व में अवैध परिवर्तन से जुड़े एक बड़े गिरोह से संबंधित है। हेमंत सोरेन से इसी मामले में पूछताछ हो रही है। रांची की एक जमीन को लेकर सोरेन फंसे हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं। वह राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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