Narendra Modi on Opposition: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (एक जुलाई, 2023) को किसानों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि हर किसान को सालाना 50,000 रुपए का लाभ मिल रहा है और यह वादा नहीं ‘मोदी की गारंटी' है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान आगे अमेरिका से लेकर चीन और पाकिस्तान तक का जिक्र छेड़ा। पीएम ने इस संदर्भ में कहा कि किसानों को यूरिया का एक बैग 270 रुपए का मिल रहा है और यह कीमत बांग्लादेश (720 रुपए), पाकिस्तान (800 रुपए), चीन (2,100 रुपए) और अमेरिका (3,000 रुपए) से बहुत अधिक कम है। वह आगे बोले कि बीते नौ साल में किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करके उन्हें 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक दिए गए और सरकार ने पिछले साल उर्वरक सब्सिडी पर 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। साथ ही यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उचित कीमत पर फसल पोषक तत्व मिले। ऐसे में “इससे बड़ी गारंटी क्या होती है भाई?”
उन्होंने ने मुख्य रूप से उर्वरक सब्सिडी, खाद्यान्न खरीद और पीएम-किसान के रूप में किसानों को दिए गए फायदों को गिनाया। साथ ही कहा, “यह दिखाता है कि गारंटी कैसी दिखती है और किसानों के जीवन में बदलाव के लिए कितने बड़े प्रयासों की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में पीएम किसान योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में 2.5 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
मोदी के मुताबिक, “आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि यह आंकड़ा कितना बड़ा है, जबकि 2014 से पहले के पांच वर्षों में कुल कृषि बजट 90,000 करोड़ रुपये से कम था।” उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उर्वरकों की वैश्विक कीमतों में वृद्धि से अपने देश के किसान प्रभावित नहीं हों। उन्होंने कहा कि ‘मोदी गारंटी’ भाजपा की केंद्र सरकार ने प्रदान की है।
प्रधानमंत्री ने ये बातें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस” पर आयोजित ‘भारतीय सहकारिता कांग्रेस’ कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने चुनावी गारंटियों को लेकर सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। यह सिर्फ वादा नहीं है बल्कि ‘मोदी की गारंटी’ है। दरअसल, हाल के दिनों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से चुनावी वादे किए गए थे, जिसके बाद ताजा टिप्पणी को पीएम का उन पर परोक्ष कटाक्ष माना जा रहा है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
