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'नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती', एंजेल चकमा की हत्या पर राहुल गांधी ने क्या कहा? अखिलेश यादव ने भी की टिप्पणी

देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे “भयावह घृणा अपराध” बताते हुए भाजपा पर नफरत को सामान्य बनाने का आरोप लगाया और चकमा परिवार तथा उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति संवेदना जताई। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घटना को नफरती मानसिकता का परिणाम बताया और ऐसे तत्वों के बहिष्कार की बात कही।

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त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत पर राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया।(फोटो सोर्स: PTI)

Photo : PTI

Tripura Youth Anjel Chakma Dies: त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में हत्या मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना पर चिंता जाहिर की। वहीं, सोशल मीडया हैंडल पर पोस्ट लिखते हुए उन्होंने कई बातें कही हैं।

राहुल गांधी ने लिखा,"देहरादून में अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयावह घृणा अपराध है। नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती। वर्षों से इसे रोजाना, खासकर हमारे युवाओं को, जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदार बयानों के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है।"

राहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना

वहीं, पोस्ट के जरिए राहुल गांधी ने भाजपा पर भी निशाना साधा। कांग्रे नेता ने लिखा,"सत्ताधारी भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है। भारत सम्मान और एकता पर बना है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर। हम प्रेम और विविधता का देश हैं। हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीयों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले। हमें आत्मचिंतन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हम अपने देश को किस ओर जाने दे रहे हैं।"

उन्होंने आगे लिखा,"मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर-पूर्वी भारत के लोगों के साथ हैं। हमें आपको अपने साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है।"

समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा"देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या नफरती लोगों की बेहद घृणित मानसिकता का दुष्परिणाम है। विघटनकारी सोच रोज किसी की जान ले रही है और सरकारी अभयदान प्राप्त ये लोग विषबेल की तरह फलफूल रहे हैं।"

उन्होंने आगे लिखा,"इन नकारात्मक तत्वों से देश और देश की एकता-अखंडता ख़तरे में है। आज इन हिंसक हालातों में यही बात सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि हम सब शान्तिप्रिय, सौहार्दपूर्ण विचार वाले लोग एकजुट होकर ऐसे असामाजिक लोगों को अपने बीच पहचानने का काम करें और इनका बहिष्कार भी करें, नहीं तो हममें से कोई भी कल को इनकी हिंसा का शिकार हो जाएगा।"

क्या है मामला?

बता दें कि यह घटना 9 दिसंबर की शाम की है, जब जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में MBA फाइनल ईयर का छात्र एंजेल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई बाजार गया था। आरोप है कि वहां कुछ स्थानीय युवकों ने उनके चेहरे और भाषा को लेकर नस्लीय टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और बात हिंसा तक पहुंच गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब अंजेल चकमा ने कहा, "हम चीनी नहीं हैं। हम भारतीय हैं। इसे साबित करने के लिए हमें कौन सा प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए?" इसके कुछ ही मिनट बाद उन छह लोगों ने कथित तौर पर क्रूर हिंसा का सहारा लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। एंजेल को गंभीर चोटें आईं और उसे नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 15 दिनों तक चले इलाज के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गया।

पांच आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो नाबालिग शामिल हैं, जिन्हें सुधार गृह भेज दिया गया है। तीन अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया है।

वहीं, एक आरोपी अब भी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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