Raghav Chadha on suspension: संसद के उच्च सदन राज्यसभा से शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को सस्पेंड किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने कुछ सीधे और सरल सवाल पूछे। उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए पूछा कि क्या यही उनका अपराध है कि उन्होंने संसद में खड़े होकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं से सवाल पूछे, क्या मेरा यह अपराध है कि दिल्ली सेवा बिल पर अपनी बात रखते हुए न्याय की मांग की और बीजेपी को आईना दिखाया, क्या इन्हें यह डर सताता है कि कैसे 34 साल का यह युवा सवाल करता है और ललकारता है?
उन्होंने आगे दावा किया- ये लोग बहुत शक्तिशाली हैं और किसी भी हद तक जा सकते हैं। मुझे इसी हफ्ते कमेटी ऑफ प्रिविलेजेस के दो नोटिस आ चुके हैं और शायद यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। सदन में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता है और लीडर ऑफ अपोजीशन का माइक बंद कर दिया जाता है। इसी मॉनसून सत्र में आप के तीन सांसद (संजय सिंह, सुशील कुमार रिंकू और राघव चड्ढा) सस्पेंड किए गए।
बकौल चड्ढा, "पहली बार भारत के इतिहास में देखा गया होगा कि लोकसभा में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी (फिलहाल कांग्रेस) के सदन के नेता को सस्पेंड कर दिया गया। यानी ये लोग चाहते हैं कि कोई आवाज न उठाए और कोई इनसे सवाल न पूछे। हर किसी को सस्पेंड कर दो। मैं भगत सिंह की धरती से आता हूं। प्रिविलेज कमेटी के सामने अपनी बात मजबूती से रखूंगा और न्याय की मांग करूंगा।"
उन्होंने आगे दावा किया- जिस तरह ये राहुल की सदस्यता ले सकते हैं, वैसे ये किसी भी आप सांसद की सदस्यता ले सकते हैं। ये जो चाहे, वह कर सकते हैं। जो मनगढ़ंत आरोप बीजेपी लगा रही है, वह अपराध कहीं रूलबुक में लिखा ही नहीं है। बीजेपी वाले कह रहे हैं कि मैंने किसी सांसद के दस्तखत कर के सदन में जमा करा दिए। सच यह है कि सेलेक्ट कमेटी के गठन के लिए सदन में मैं कुछ सांसदों के नाम सुझा/प्रस्तावित कर सकता हूं। इसमें किसी सांसद के लिखित सहमति या साइन की जरूरत नहीं होती है। न सिग्नेचर लिए जाते हैं और न जमा किए जाते हैं, पर इन लोगों ने कीचड़ उछाला। मैं इन चुनौतियों से डरता नहीं हूं। अंत तक लड़ूंगा।
दरअसल, मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में आप के सदस्य चड्ढा को नियमों के घोर उल्लंघन और अवमाननापूर्ण आचरण के चलते विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया। साथ ही अशोभनीय आचरण और नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किए गए आप सदस्य संजय सिंह के निलंबन की अवधि भी विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक बढ़ा दी गई। फिलहाल उच्च सदन में आम आदमी पार्टी के 10 सदस्य हैं।
