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Cow Hug Day को लेकर BJP पर Mamata Banerjee का तंज- अगर गाय हमें टक्कर मार दे तब क्या होगा...मुआवजा मिलेगा?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 13, 2023, 05:49 PM IST

दीदी ने बंगाल में हिंसा और भ्रष्टाचार पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की हालिया टिप्पणी के स्पष्ट संदर्भ में विधानसभा में कहा कि उनके राज्य में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहतर है।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी। (फाइल)

Photo : IANS

वैलेंटाइन डे पर "काउ हग डे" (गाय को गले लगाने वाले दिवस) मनाने के मसले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चीफ ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरा है। उन्होंने दो टूक सवाल दागा है कि अगर गाय किसी व्यक्ति को मार देगी, तब क्या होगा...क्या बीजेपी तब उसकी भरपाई करेगी और मुआवजा देगी?

सोमवार (13 फरवरी, 2023) को ये बातें उन्होंने बंगाल विधानसभा में कहीं। उन्होंने इसके साथ ही बीजेपी को साल 2024 के आम चुनाव में हराने की बात को भी दोहराया। कहा- देश को अराजकता को खत्म करने के लिए जनता की सरकार को लाना चाहिए।

यही नहीं, अपने सूबे में हिंसा और भ्रष्टाचार पर बीजेपी चीफ जेपी नड्डा की ताजा टिप्पणी के स्पष्ट संदर्भ में सीएम ने विस में कहा कि उनके राज्य में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में 'आतंक फैलाया' है। बकौल मुख्यमंत्री, “सीमावर्ती इलाकों में बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा है। केंद्र इन हत्याओं की जांच के लिए तथ्यान्वेषी दलों को भेजने की जहमत नहीं उठाता।”

दरअसल, 14 फरवरी को हर साल वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। पर इस बार एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें 14 तारीख को काउ हग डे मनाने की अपील की गई थी। हालांकि, विपक्ष की ओर से उस नोटिस की कड़ी आलोचना की गई थी। भरसक विरोध के बाद उस अधिसूचना को वापस ले लिया गया था।

पुराने नोटिफिकेशन में कहा गया था, "हम सभी को पता है कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय रीढ़ की हड्डी की तरह है। वह हमारे जीवन को आगे बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही वह जैवविविधता का भी प्रतिनिधित्व करती है। चूंकि, उसकी प्रकृति मां जैसी है लिहाजा उसे "कामधेनु" और "गोमाता" के रूप में भी जाना जाता है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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